खंडवा/खरगोन: वर्तमान समय में शादियों में फिजूलखर्ची और दिखावे की बढ़ती होड़ के बीच निमाड़ क्षेत्र के यादव समाज से एक बेहद सकारात्मक खबर सामने आई है। जहां समाज में शादियों पर होने वाले भारी खर्च और दहेज की शर्तों ने कई परिवारों को कर्ज के बोझ तले दबा दिया है, वहीं खरगोन के एक युवा और मथेला की युवती ने इस कुरीति के खिलाफ एक नई मिसाल पेश की है।
दहेज मुक्त विवाह का संकल्प
घुघरियाखेड़ी (खरगोन) निवासी राहुल यादव, जो गुजरात में बीएससी एग्रीकल्चर फील्ड में कार्यरत हैं, का विवाह मथेला (निमाड़ी खेड़ी) के समाजसेवी गजरुलाल यादव की सुपुत्री शांति यादव से तय हुआ है। शांति वर्तमान में इंदौर हाईकोर्ट खंडपीठ में वकालत कर रही हैं और यादव अहीर समाज की वैवाहिक हेल्पलाइन की एडमिन व सलाहकार भी हैं।
19 फरवरी को होने जा रहे इस विवाह में राहुल और उनके परिवार ने एक साहसिक निर्णय लिया है। राहुल ने वधू पक्ष से दहेज के नाम पर केवल ‘कन्या’ स्वीकार करने का वादा किया है। साथ ही, उन्होंने अपनी शादी की पत्रिका में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि ‘कोई भी रिश्तेदार किसी भी प्रकार की भेंट (गिफ्ट) न लाएं’।
वधू पक्ष ने भी सादगी का दिया संदेश
वर पक्ष की इस पहल का वधू पक्ष ने भी पूरा सम्मान किया। शांति और उनके परिवार ने भी विवाह में शामिल होने वाले अतिथियों से आग्रह किया है कि वे किसी भी प्रकार की भेंट साथ न लाएं। शिक्षित और जागरूक वर-वधू की इस पहल ने समाज को चौंकाने के साथ-साथ एक नई दिशा भी दिखाई है।
यादव समाज के अध्यक्ष नरेंद्र यादव सहित समाज के अन्य बुद्धिजीवियों ने इस निर्णय की भूरी-भूरी प्रशंसा की है। समाज का मानना है कि ऐसे फैसलों से न केवल आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि दहेज जैसी सामाजिक बुराई पर भी लगाम लगेगी।


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