खण्डवा। भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी एवं मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों पर भाजपा जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक है। यह समझौता मध्यप्रदेश सहित देश भर के किसानों, युवाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा तथा भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगा।
कांग्रेस ने वर्ष 2018 में मध्यप्रदेश में किसान कर्जमाफी का वादा कर सरकार बनाई, लेकिन किसानों का कर्ज पूर्ण रूप से माफ नहीं किया। इसके विपरीत, अनेक किसानों को डिफॉल्टर की स्थिति में पहुंचा दिया गया। श्री तोमर ने कहा भाजपा सरकार ने किसानों को उस स्थिति से बाहर निकालने का कार्य किया है। किसान चौपाल करने वाले राहुल गांधी बताएं दलहन में कौन सी फसलें होती हैं। कांग्रेस ने किसानों के साथ अन्याय किया, हमारी सरकार 365 दिन किसानों के लिए कार्य कर रही है।
प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भारत को दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को ट्रेड डील का विरोध करने के बजाय मध्यप्रदेश के किसानों से कर्जमाफी के नाम पर किए गए वादाखिलाफी के लिए माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए ट्रेड डील का विरोध कर रही है।
वर्ष 1956 में मध्यप्रदेश के गठन के बाद से लेकर 2002-03 तक, जब राज्य में कांग्रेस की सरकारें रहीं, तब सिंचाई का रकबा मात्र 7.5 लाख हेक्टेयर तक सीमित रहा, जबकि नदियां, खेत और संसाधन सब उपलब्ध थे। किसानों के साथ हुए इस अन्याय का परिणाम था कि कृषि विकास ठहरा रहा। इसके विपरीत पिछले वर्षों में हमारी सरकार ने सिंचाई क्षेत्र में ऐतिहासिक विस्तार किया है और अल्प अवधि में ही 10 लाख हेक्टेयर की वृद्धि कर यह सिद्ध किया है कि प्रतिबद्धता और नीति स्पष्ट हो तो परिणाम संभव हैं।

सुनील जैन ने बताया कि आज भारत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और तीसरी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में अग्रसर है, यह सब किसान, गरीब और सभी वर्गों के कल्याण को केंद्र में रखकर लिए गए निर्णयों का परिणाम है। हमारे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने लगभग सत्रह विभागों को जोड़कर “किसान कल्याण वर्ष” के अंतर्गत खेती को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।
खेत से कारखाने तक, फसल से बागवानी तक और बागवानी से बाजार तक एक सशक्त वैल्यू चेन तैयार कर किसानों की आय बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है। हम पक्ष-विपक्ष से ऊपर उठकर कृषि आधारित व्यापक चर्चा के लिए भी तैयार हैं, क्योंकि हमारा लक्ष्य राजनीति नहीं, बल्कि किसान और प्रदेश की समृद्धि है।
मंगलवार को मध्यप्रदेश सरकार की मंत्रि-परिषद् की बैठक सम्पन्न हुई। किसान कल्याण वर्ष का किसानों को अधिकतम लाभ दिलाने के लिए मंत्रि-परिषद् ने आज ही किसानों एवं कृषि से सम्बद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए करीब 10500 करोड़ रुपये की लागत की पांच किसान हितैषी योजनाओं को अगले पांच साल तक निरंतर रखने को मंजूरी दी।



खंडवा









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