खण्डवा। साधु-संत चलते-फिरते तीर्थ के समान होते हैं। हम सबके पुण्य प्रताप से हमारे नगर में साधु-संतों का आगमन होता है। हम सबका कर्तव्य है कि जब भी नगर में साधु-संत पहुंचें, हमें उनके सत्संग एवं प्रवचनों का लाभ अपने जीवन के कल्याण के लिए अवश्य लेना चाहिए।
समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि आचार्य विद्यासागर जी से दीक्षित आचार्य आर्जवसागर जी के शिष्य मुनि श्री विशोधसागर जी का खण्डवा नगर में प्रवेश शुक्रवार 27 फरवरी को होगा। महाराष्ट्र के चिखली में वर्षायोग के माध्यम से धर्म प्रभावना पूर्ण करने के पश्चात मुनि श्री ने शाहपुर-बुरहानपुर के रास्ते म.प्र. की सीमा में प्रवेश किया। मुनि श्री ने विगत 20 दिनों से पंधाना में विराजमान रहकर महती धर्म प्रभावना की है। मुनि श्री ने प्रवचनों के साथ विश्व शांति एवं सभी के कल्याण के लिए मंगलवार को 64 रिद्धि मंडल विधान की संगीतमय पूजा भी करवाई।
बुधवार दोपहर 3 बजे मुनि श्री ने पंधाना से खण्डवा के लिये विहार किया। रात्रि विश्राम दयोदय तीर्थ बोरगांव खुर्द में हुआ। गुरुवार की आहारचर्या दयोदय तीर्थ बोरगांव खुर्द में होगी। मुनि सेवा समिति के प्रचार मंत्री सुनील जैन व प्रेमांशु जैन ने बताया कि शुक्रवार प्रातः 8 बजे मानसिंग मिल चौराहे से मुनि श्री विशोध सागर जी महाराज का खण्डवा नगर में प्रवेश होगा।
मंगल प्रवेश शोभायात्रा मानसिंग मिल चौराहे से भगतसिंह चौक होते हुए बजरंग चौक स्थित महावीर जैन मंदिर पहुंचेगी, जहां मुनि श्री के मंगल प्रवचन होंगे। मुनि श्री संत निवास घासपुरा में विराजमान रहेंगे। सभी धर्मप्रेमी समाजजनों एवं गुरु भक्तों से निवेदन है कि गुरुवार को प्रातः दयोदय तीर्थ बोरगांव पहुंचकर मुनि श्री के दर्शन एवं आहारचर्या का लाभ उठायें एवं शुक्रवार को खंडवा में मुनि श्री की मंगल अगवानी करें।



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