खंडवा | जनसुविधा एवं निगम समाचार
नगर निगम सभागृह में परिषद अध्यक्ष अनिल विश्वकर्मा की अध्यक्षता एवं महापौर अमृता अमर यादव की उपस्थिति में बजट बैठक का सफल आयोजन हुआ। बैठक में सर्वसम्मति और ध्वनि मत से बजट के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इस दौरान शहर के विकास और मूलभूत सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
💧 चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा था पानी, नई पाइपलाइन से मिला स्थायी समाधान
समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि एक चुने हुए जनप्रतिनिधि का मुख्य दायित्व क्षेत्र के विकास के साथ जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना होता है। नगर निगम चुनाव के समय शहर में पानी का संकट सबसे बड़ा मुद्दा था। चुनाव प्रचार के दौरान बड़ी संख्या में मातृशक्ति पानी के संकट को लेकर बात करती थी। महापौर अमृता अमर यादव ने इस समस्या को गंभीरता से लिया और आज यह हर्ष का विषय है कि खंडवा की जनता को बिना किसी रुकावट के नर्मदा की नई पाइपलाइन के माध्यम से पर्याप्त जल प्राप्त हो रहा है।
🚫 इस भीषण गर्मी में नहीं बुलाने पड़े किराए के टैंकर, निगम के बचे लाखों रुपये
यह इस बात का प्रतीक है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत नर्मदा की नई पाइपलाइन योजना सफल हुई है। इस भीषण गर्मी में भी जल संकट को लेकर शहर में कोई आंदोलन या प्रदर्शन नहीं हो रहा है। प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि शहर में जल वितरण को लेकर 5 नवीन टंकियों का निर्माण किया गया है, जिनमें से 4 टंकियों से जलप्रदाय शुरू हो चुका है। शहर के मध्य के वार्डों में इतवारा बाजार की टंकी से जलप्रदाय होने से जनता खुश है। इस भीषण गर्मी में किराए के टैंकर नहीं लगाने पड़े, जिससे निगम को लाखों रुपये की बचत हुई है।
🏆 एमआईसी और अधिकारियों की मेहनत लाई रंग, पक्ष-विपक्ष ने किया सम्मान
इस बड़ी उपलब्धि में महापौर अमृता अमर यादव के साथ एमआईसी सदस्य एवं जल प्रभारी राजेश यादव, निगम आयुक्त प्रियंका राजावत एवं जल विभाग की पूरी टीम का महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। अधिकारियों ने 35 किलोमीटर लंबी चारखेड़ा से खंडवा नई पाइपलाइन के कार्य पर लगातार नजर रखी। बुधवार को परिषद सम्मेलन में शहर की इस शानदार जलप्रदाय व्यवस्था को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के पार्षदों ने महापौर और जल प्रभारी का स्वागत-अभिनंदन कर उन्हें धन्यवाद दिया।
🗣️ ‘पहले 3 घंटे होते थे बर्बाद, अब 15 मिनट में भर जाता है पानी’
समाजसेवी एवं पूर्व पार्षद सुनील जैन ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पिछले कार्यकाल में वे स्वयं पानी के भारी संकट से जूझते थे। उनके नल में नर्मदा का जल नहीं आता था और घर के सामने तीन-तीन टंकियां रखनी पड़ती थीं। पानी के लिए प्रतिदिन 2 से 3 घंटे बर्बाद होते थे। लेकिन विगत 6 माह से नर्मदा की नई पाइपलाइन के माध्यम से सूखे नलों में जल आ रहा है और मात्र 15 से 20 मिनट में घर में पानी भर जाता है। आसपास के घरों में भी पर्याप्त पानी आ रहा है, जो यह स्पष्ट करता है कि नर्मदा की दूसरी लाइन पूरी तरह से सफल हुई है। शहर अब बिना भेदभाव के स्वच्छता और विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।


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