खंडवा। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, श्री नीलकंठेश्वर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय खंडवा में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर विशेष व्याख्यान सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम हिंदी विभाग द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के सहयोग से संपन्न हुआ। सर्वप्रथम देवभाषा में सरस्वती देवी स्तुति प्रस्तुत की गई।
मातृभाषा हमें अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ती है…
बीज वक्तव्य देते हुए हिंदी विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. कुलदीप सिंह फरे ने कहा कि हमें हमारी मातृभाषा पर गर्व होना चाहिए। मातृभाषा हमें आपस में जोड़ना सिखाती है तथा हमें अपनी संस्कृति एवं जड़ों से जोड़ कर रखती है। डॉ. फरे ने दैनिक जीवन के व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को मातृभाषा की अवधारणा स्पष्ट की।
प्राचार्य की अपील: मातृभाषा में करें हस्ताक्षर और अपनाएं भारतीय पंचांग…
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्था के प्राचार्य डॉ. सोमपाल सिंह ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे शिक्षकों की बातों को आचरण में लाएं। उन्होंने जोर दिया कि:
हम अपने देश को ‘भारत’ नाम से ही संबोधित करें।
अपनी मातृभाषा में न केवल हस्ताक्षर करें, बल्कि इसका अधिकाधिक उपयोग करें।
भारतीय पंचांग की तिथियों का दैनिक जीवन में उपयोग करना शुरू करें। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक में मातृभाषा में समाहित विज्ञान, नैतिक मूल्यों और वैदिक ज्ञान के महत्व को भी समझाया।
कार्यक्रम में नवाचार करते हुए रासेयो स्वयंसेवक अंकिता विश्वकर्मा एवं प्रिया कुशवाह ने निमाड़ी भाषा में संचालन कर सबका मन मोह लिया। वहीं, स्वयंसेवक कृष्णा कवचे ने बारेला संस्कृति पर आधारित लोकगीत का गायन कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत में कार्यक्रम सह-संयोजक डॉ. मीना राठौर ने निमाड़ी भाषा में ही आभार व्यक्त किया।निमाड़ी संचालन और बारेला लोकगीतों ने मोहा मन…
नवाचार: स्वाध्यायी विद्यार्थियों को भी मिली जगह…
कार्यक्रम सह-संयोजक डॉ. मीना राठौर ने बताया कि इस बार स्वाध्यायी (Private) विद्यार्थियों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। इससे पूर्व विद्यार्थियों द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और मातृभाषा की प्रासंगिकता पर संगोष्ठी भी की गई।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति: कार्यक्रम में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ संयोजक डॉ. अर्चना मोरे, क्रीड़ा अधिकारी अमित कुमार अब्राहम, डॉ. आशुतोष तिवारी सहित शैक्षणिक स्टाफ, एनएसएस और रेड रिबन क्लब के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



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