श्रीनगर एयरपोर्ट पर 2 अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है. एयरपोर्ट की सिक्योरिटी टीम को नियमित जांच के दौरान उनके सामान से एक प्रतिबंधित ‘गार्मिन’ (Garmin) सैटेलाइट फोन/ट्रैकर मिला था. इसमें से एक नागरिक की पहचान जेफरी स्कॉट प्रैथर के रूप में हुई है. अधिकारियों ने बताया कि इन दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.
बता दें कि गार्मिन’ सैटेलाइट फोन कोट्रैक करना काफी मुश्किल होता है. जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में आतंकवाद और अवैध गतिविधियों में इसके दुरुपयोग का खास खतरा रहता है. इसके साथ ही बॉर्डर एरिया में संवेदनशीलता को देखते हुए एयरपोर्ट पर अमेरिका नागरिकों के पास से इसकी बरामदगी ने कई सवाल खड़े किए हैं.
क्या बोले अधिकारी?
अधिकारियों ने बताया, अमेरिकी नागरिकों के पास डिवाइस पाए जाने के बाद तुरंत उनको हिरासत में लिया गया. उनसे पूछताछ की गई. नियमों के तहत सैटेलाइट फोन रखने और उपयोग करने के लिए परमिशन की जरूरत होती है. पुलिस ने अमेरिकी नागरिकों की ट्रैवल हिस्ट्री और यात्रा के उद्देश्य की जांच शुरू कर दी है.
क्या कहते हैं नियम?
भारत में बिना सरकार की मंजूरी सैटेलाइट फोन के इस्तेमाल पर पाबंदी है. गाइडलाइन के मुताबिक, यात्रियों को देश में सैटेलाइट कम्युनिकेशन डिवाइस अपने साथ रखने या इस्तेमाल करने से पहले दूरसंचार विभाग से लिखित में इजाजत लेना जरूरी है. बता दें कि पहले भी विदेशी नागरिकों और भारतीय नागरिकों के पास से सैटेलाइट कम्युनिकेटर अपने साथ रखने के मामले में एक्शन लिया जा चुका है.
पहले कब-कब हुआ एक्शन?
बता दें कि बीते साल मई में पुडुचेरी में एयरपोर्ट पर एक अमेरिकी डॉक्टर को रोका गया था, उसके पास से एक Iridium सैटेलाइट फोन मिला था. इससे पहले एक चीनी नागरिक और एक ब्रिटिश अधिकारी के पास से भी सैटेलाइट फोन मिले थे. अलग-अलग मामले में इन्हें एयरपोर्ट और होटलों में बिना इजाजत सैटेलाइट डिवाइस अपने साथ रखने के लिए हिरासत में लिया गया था.
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