इंफाल (मणिपुर): वर्ष 2023 में शुरू हुए जातीय संघर्ष के बाद से पिछले तीन वर्षों के भीतर पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर को अपना 5वां मुख्य सचिव मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शनिवार को वर्तमान मुख्य सचिव पुनीत गोयल से औपचारिक मुलाकात की। मुख्य सचिव पुनीत गोयल इसी माह अपने पद से सेवानिवृत्त (रिटायर) हो रहे हैं। पुनीत गोयल ने 21 जुलाई 2025 को राज्य के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी के रूप में पदभार संभाला था। यद्यपि राज्य सरकार द्वारा अभी नए मुख्य सचिव के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन उच्च प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार 1995 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजीव सिंह ठाकुर की नियुक्ति तय मानी जा रही है। राजीव सिंह ठाकुर की पृष्ठभूमि और प्रशासनिक आदेश: वर्तमान दायित्व: 1995 बैच के IAS अधिकारी राजीव सिंह ठाकुर वर्तमान में नीति आयोग में प्रशासन, गवर्नेंस व सुधार तथा इंफ्रास्ट्रक्चर कनेक्टिविटी विभाग में प्रोग्राम डायरेक्टर के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं।
DoPT का आदेश: कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने 28 अगस्त को एक अधिसूचना जारी कर राजीव सिंह ठाकुर का कैडर राजस्थान से बदलकर मणिपुर करने की आधिकारिक घोषणा की।
ACC की विशेष मंजूरी: कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने मौजूदा नीतिगत नियमों में ढील देते हुए उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (Deputation) कार्यकाल को घटाकर 30 जून 2029 (उनकी सेवानिवृत्ति तिथि) तक के लिए इंटर-कैडर ट्रांसफर प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दे दी है।
प्रशासनिक बदलावों का घटनाक्रम: पूर्व मुख्य सचिव: पुनीत गोयल से पहले मणिपुर में राजेश कुमार, विनीत जोशी और प्रशांत कुमार राज्य के मुख्य सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
लगातार बदलाव: वर्ष 2023 के जातीय संकट के बाद से राज्य के प्रशासनिक नेतृत्व में यह 5वां बड़ा फेरबदल होगा।
कानून-व्यवस्था और वर्तमान चुनौतियां: संवेदनशील समय पर नियुक्ति: नए मुख्य सचिव ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में राज्य की प्रशासनिक बागडोर संभालेंगे, जब हालिया हिंसक घटनाओं के बाद नागा और कुकी समुदायों के मध्य तनाव पुनः बढ़ गया है।
कांगपोकपी में हिंसा: हाल ही में कुकी-बहुल कांगपोकपी जिले में अज्ञात सशस्त्र हमलावरों द्वारा की गई गोलीबारी में चार नागा नागरिकों की मौत हो गई थी, जिसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस बल हाई अलर्ट पर हैं।
शांति बहाली की चुनौती: नए मुख्य सचिव के समक्ष राज्य में जातीय सौहार्द बहाल करना, विस्थापितों का पुनर्वास और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना सबसे बड़ी प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।
📋 नीति आयोग से मणिपुर वापसी: DoPT ने जारी किया कैडर ट्रांसफर नोटिफिकेशन
👥 जातीय संघर्ष के बाद बदले कई शीर्ष अधिकारी: पिछले मुख्य सचिवों का कार्यकाल
⚡ नागा और कुकी समुदायों के बीच तनाव के बीच संभालेंगे नई जिम्मेदारी
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इंफाल (मणिपुर): वर्ष 2023 में शुरू हुए जातीय संघर्ष के बाद से पिछले तीन वर्षों के भीतर पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर को अपना 5वां मुख्य सचिव मिलने जा रहा है।
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शनिवार को वर्तमान मुख्य सचिव पुनीत गोयल से औपचारिक मुलाकात की। मुख्य सचिव पुनीत गोयल इसी माह अपने पद से सेवानिवृत्त (रिटायर) हो रहे हैं। पुनीत गोयल ने 21 जुलाई 2025 को राज्य के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी के रूप में पदभार संभाला था। यद्यपि राज्य सरकार द्वारा अभी नए मुख्य सचिव के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन उच्च प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार 1995 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजीव सिंह ठाकुर की नियुक्ति तय मानी जा रही है।
📋 नीति आयोग से मणिपुर वापसी: DoPT ने जारी किया कैडर ट्रांसफर नोटिफिकेशन
राजीव सिंह ठाकुर की पृष्ठभूमि और प्रशासनिक आदेश:
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वर्तमान दायित्व: 1995 बैच के IAS अधिकारी राजीव सिंह ठाकुर वर्तमान में नीति आयोग में प्रशासन, गवर्नेंस व सुधार तथा इंफ्रास्ट्रक्चर कनेक्टिविटी विभाग में प्रोग्राम डायरेक्टर के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं।
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DoPT का आदेश: कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने 28 अगस्त को एक अधिसूचना जारी कर राजीव सिंह ठाकुर का कैडर राजस्थान से बदलकर मणिपुर करने की आधिकारिक घोषणा की।
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ACC की विशेष मंजूरी: कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने मौजूदा नीतिगत नियमों में ढील देते हुए उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (Deputation) कार्यकाल को घटाकर 30 जून 2029 (उनकी सेवानिवृत्ति तिथि) तक के लिए इंटर-कैडर ट्रांसफर प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दे दी है।
👥 जातीय संघर्ष के बाद बदले कई शीर्ष अधिकारी: पिछले मुख्य सचिवों का कार्यकाल
प्रशासनिक बदलावों का घटनाक्रम:
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पूर्व मुख्य सचिव: पुनीत गोयल से पहले मणिपुर में राजेश कुमार, विनीत जोशी और प्रशांत कुमार राज्य के मुख्य सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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लगातार बदलाव: वर्ष 2023 के जातीय संकट के बाद से राज्य के प्रशासनिक नेतृत्व में यह 5वां बड़ा फेरबदल होगा।
⚡ नागा और कुकी समुदायों के बीच तनाव के बीच संभालेंगे नई जिम्मेदारी
कानून-व्यवस्था और वर्तमान चुनौतियां:
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संवेदनशील समय पर नियुक्ति: नए मुख्य सचिव ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में राज्य की प्रशासनिक बागडोर संभालेंगे, जब हालिया हिंसक घटनाओं के बाद नागा और कुकी समुदायों के मध्य तनाव पुनः बढ़ गया है।
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कांगपोकपी में हिंसा: हाल ही में कुकी-बहुल कांगपोकपी जिले में अज्ञात सशस्त्र हमलावरों द्वारा की गई गोलीबारी में चार नागा नागरिकों की मौत हो गई थी, जिसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस बल हाई अलर्ट पर हैं।
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शांति बहाली की चुनौती: नए मुख्य सचिव के समक्ष राज्य में जातीय सौहार्द बहाल करना, विस्थापितों का पुनर्वास और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना सबसे बड़ी प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।


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