कानपुर। हिस्ट्रीशीटर दुर्दांत विकास दुबे के खजांची जय बाजपेयी की हिस्ट्रीशीट पुलिस ने खोल दी है। यह कार्रवाई अगस्त में कर दी गई थी, लेकिन पुलिस इसे दबाए रही। शिकायत पंजीकरण जनसुनवाई पोर्टल (आइजीआरएस) में की गई एक शिकायत के जवाब में पुलिस ने इसकी जानकारी दी।
जय का कनेक्शन विकास दुबे से मिलने के बाद से उस पर कानून का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। 31 जुलाई को पहले उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें उसके तीन भाइयों रजय, अजय व शोभित को भी नामजद किया गया। साथ ही 19 अगस्त को पुलिस ने जय के खिलाफ थाना नजीराबाद में हिस्ट्रीशीट भी खोल दी।
मौजूदा वक्त में गैंगस्टर के साथ दर्ज हैं 10 मुकदमे
जय का हिस्ट्रीशीट नंबर एचएस-710 है। यह जानकारी सौरभ भदौरिया द्वारा आइजीआरएस में मांगी गई एक जानकारी में सामने आई है। गौरतलब है कि जय बाजपेयी के खिलाफ विभिन्न थानों में 10 मुकदमे दर्ज हैं। चौबेपुर में पुलिस कर्मियों की हत्या के मुकदमे में भी जय आरोपित है। इसके अलावा उस पर गैंगस्टर, 7सीएलए, एससी-एसटी एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में नजीराबाद में चार, बजरिया में चार और काकादेव में एक मुकदमा दर्ज है।
सुरक्षा के लिए डीएम से मिले
जय बाजपेयी के खिलाफ गवाही व जांच एजेंसियों को साक्ष्य मुहैया कराने वाले सौरभ भदौरिया ने शुक्रवार को डीएम आलोक तिवारी से सुरक्षा मांगी। सौरभ ने उन्हें बताया कि वह जय बाजपेयी के अलावा कई और बड़े घोटालों में भी गवाह हैं। उन्हें जान का खतरा है। इसके बावजूद पुलिस सुरक्षा नहीं दे रही है।