आज रविवार है यानी सूर्य देव का दिन। वेदों में सूर्य को जगत की आत्मा कहा गया है। पृथ्वी का जीवन सूर्य से ही है। वैदिक काल में सारे जगत के कर्ता धर्ता सूर्य को ही माना जाता था। सूर्य का शब्दार्थ है सर्व प्रेरक। सूर्योपनिषद में सूर्य को ही संपूर्ण जगत की उत्पत्ति का एक मात्र कारण बताया गया है। हिंदू धर्म में रविवार सूर्यदेव का वार माना गया है। यह दिन सूर्यदेव को समर्पित है। मान्यता है कि अगर इस दिन सूर्यदेव की आराधना की जाए तो व्यक्ति को विशेष फल की प्राप्ति होती है। यह भी कहा जाता है कि अगर सूर्य के निमित्त दान-पुण्य किया जाए तो व्यक्ति को परेशानियों से मुक्ति मिल जाती है।
सूर्य की महिमा का वर्णन वेदों, उपनिषदों व धार्मिक ग्रंथों में किया गया है। पुराणों में सूर्यदेव की उपासना को सभी रोगों को दूर करने वाला बताया गया है। वैसे तो रविवार का दिन सूर्यदेव को समर्पित है लेकिन हर रविवार को सूर्य देव को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है। वहीं, सूर्यदेव को अर्घ्य हर रोज भी दिया जा सकता है। तो आइए जानते हैं कि भगवान सूर्य को अर्घ्य कैसे दिया जाए
ऐसे दें भगवान सूर्य को अर्घ्य:
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