ओरछा (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक रविवार (30 अगस्त) को धार्मिक नगरी ओरछा में आयोजित की गई।
बैठक में पार्टी ने एक व्यापक राजनीतिक प्रस्ताव पारित करते हुए सरकार के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पेश किया और भविष्य का स्पष्ट रोडमैप सामने रखा। इस प्रस्ताव में युवाओं के रोजगार, स्टार्टअप्स, आधुनिक शिक्षा, ड्रोन व सेमीकंडक्टर जैसी आधुनिक तकनीकों पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही कृषि, महिला सशक्तिकरण, उद्योग, बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में हासिल की गई उपलब्धियों का विस्तार से ब्योरा प्रस्तुत किया गया।
💼 7 लाख युवाओं को ₹5000 करोड़ का स्वरोजगार ऋण: स्टार्टअप्स को मिलेगा ग्लोबल एक्सपोजर
युवाओं और स्वरोजगार के लिए प्रमुख घोषणाएं:
रोजगार दिवस का प्रभाव: प्रस्ताव के अनुसार रोजगार दिवस अभियानों के जरिए राज्य के 7 लाख युवाओं को ₹5,000 करोड़ से अधिक का स्वरोजगार ऋण उपलब्ध कराया गया है।
स्टार्टअप्स को आर्थिक संबल: प्रदेश के उभरते स्टार्टअप्स को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों व प्रदर्शनियों में भाग लेने के लिए राज्य सरकार द्वारा ₹1.5 लाख तक की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान किया गया है।
सरकारी व निजी क्षेत्र में तालमेल: सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया के साथ-साथ निजी उद्यम और स्वरोजगार को मुख्यधारा से जोड़ने की रणनीति बनाई गई है।
तकनीकी क्षेत्र में मध्य प्रदेश की नीतिगत पहल:🚀 ड्रोन, सेमीकंडक्टर और स्पेस टेक: भविष्य के उद्योगों और निवेश पर बड़ा दांव
नई नीतियां लागू: राज्य में हाई-टेक निवेश को आकर्षित करने के लिए ‘ड्रोन संवर्धन नीति’, ‘सेमीकंडक्टर नीति’ और ‘स्पेस टेक पॉलिसी’ को धरातल पर उतारा गया है।
भविष्य के रोजगार: इन उन्नत क्षेत्रों को युवाओं के लिए उच्च वेतन वाले रोजगार और राज्य में वैश्विक निवेश लाने के नए उत्प्रेरक के रूप में विकसित किया जा रहा है।
शिक्षा और शैक्षणिक सुधारों की उपलब्धियां:🏫 सांदीपनि विद्यालयों के लिए ₹3892 करोड़: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन
सांदीपनि विद्यालय: प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सांदीपनि विद्यालयों के लिए ₹3,892 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है और 369 विद्यालयों का सफल संचालन शुरू हो चुका है।
पीएम श्री स्कूल: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप पीएम श्री स्कूलों का नेटवर्क तैयार कर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में आधुनिक शिक्षा का विस्तार किया जा रहा है।
सामाजिक व आर्थिक विकास का खाका:🌾 2026 ‘कृषक कल्याण वर्ष’: सिंचाई परियोजनाएं, 8.73 लाख करोड़ का निवेश और लाड़ली बहना योजना
किसान कल्याण: वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाते हुए केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित कई सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं के जरिए सिंचित क्षेत्र का निरंतर विस्तार किया जा रहा है।
औद्योगिक निवेश: उद्योग क्षेत्र में ₹8 लाख 73 हजार करोड़ से अधिक के वास्तविक निवेश प्रोजेक्ट्स धरातल पर क्रियान्वित हो रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण: लाड़ली बहना योजना के निरंतर लाभ, सरकारी नौकरियों में 35% महिला आरक्षण और 62 लाख ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया गया है।
सांस्कृतिक गौरव व सुधार: विधानसभा से समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक के पारित होने और ‘सिंहस्थ 2028’ की भव्य तैयारियों को सांस्कृतिक पुनर्जागरण का आधार बताया गया है।
राजनीतिक मोर्चे पर कांग्रेस की घेराबंदी:⚔️ केन-बेतवा पर कांग्रेस के रुख पर हमला: ‘मुद्दाविहीन और नकारात्मक है विपक्ष’
विकास विरोधी होने का आरोप: कार्यसमिति ने कांग्रेस को पूरी तरह मुद्दाविहीन और नकारात्मक विपक्ष करार दिया।
केन-बेतवा विरोध पर सवाल: विशेष रूप से बुंदेलखंड के कायाकल्प से जुड़ी महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना का विरोध करने को लेकर कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया गया और आरोप लगाया गया कि विपक्ष राज्य के समग्र विकास में अड़चनें पैदा करता रहा है।
दीर्घकालिक विजन और सांगठनिक लक्ष्य:🇮🇳 विकसित भारत 2047 के साथ ‘विकसित मध्य प्रदेश’ का पक्का संकल्प
जनता का अटूट भरोसा: पार्टी ने स्पष्ट किया कि उसका लक्ष्य केवल चुनावी जीत हासिल करना नहीं, बल्कि जनकल्याणकारी नीतियों के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक नागरिक का स्थायी विश्वास जीतना है।
अमृत काल का रोडमैप: ओरछा कार्यसमिति की इस बैठक ने साफ संकेत दिया है कि मध्य प्रदेश 2047 तक ‘विकसित भारत’ के संकल्प में तकनीक, युवा शक्ति और कृषि सुधारों के दम पर अग्रणी राज्य की भूमिका निभाएगा।
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