माता वैष्णो देवी मंदिर के आधार शिविर कटरा में रोपवे परियोजना प्रस्तावित है. इसके खिलाफ श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने 72 घंटे के बंद का आह्वान किया है. बुधवार को समिति ने विरोध मार्च निकाला. इस दौरान पुलिस से झड़प हुई. पुलिस ने लोगों पर लाठीचार्ज किया. इसको लेकर जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने नाराजगी जाहिर की है. साथ ही उन्होंने कहा कि पवित्र स्थलों को पर्यटन स्थलों में बदलने की इस प्रवृत्ति को रोका जाना चाहिए.
महबूबा मुफ्ती ने कहा, श्री माता वैशोदेवी तीर्थस्थल तक प्रस्तावित ₹250 करोड़ की रोपवे परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कटरा के स्थानीय लोगों पर लाठीचार्ज निंदनीय है. संघर्ष समिति पर बेवजह की कार्रवाई की गई. इसके 18 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है. पवित्र स्थलों को पर्यटन स्थलों में बदलने की इस प्रवृत्ति को रोका जाना चाहिए. इससे न केवल हजारों लोगों की आजीविका को खतरा है बल्कि इन स्थलों के आध्यात्मिक उद्देश्य और सांस्कृतिक महत्व का भी अनादर होता है. अधिकारी परियोजना पर फिर से विचार करें और गिरफ्तार लोगों को रिहा करें. समिति के नेता भूपिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे से भटका रही है. ये सरकार कटरा के लोगों को सड़क पर आने के लिए मजबूर कर रही है. हम हजारों लोगों की नौकरियां बचाने के लिए परियोजना को बंद करने की मांग कर रहे हैं. प्रशासन ने हमसे जो वादा किया था, उसके मुताबिक हमसे बातचीत करनी थी. मगर, वो हमें हिरासत में लेने के लिए पुलिस की मदद ले रहे हैं. इस मामले में पूर्व मंत्री जुगल किशोर ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करना गलत है. शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग की निंदा करते हैं. पुलिस की कार्रवाई का मकसद कटरा में स्थिति को बिगाड़ना है. ये स्वीकार नहीं है. समिति के प्रवक्ता ने कहा, रोपवे परियोजना के विरोध में घोड़ी मालिकों, दुकानदारों और अन्य हितधारकों का 72 घंटे का बंद बुधवार को शुरू हुआ.सरकार लोगों को सड़क पर आने के लिए मजबूर कर रही
पुलिस की कार्रवाई का मकसद स्थिति को बिगाड़ना है
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