बिलासपुर। श्रावण मास शुरू होने के पहले ही भगवान भोलेनाथ के भक्तों का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। शिवालयों में प्रथम सोमवार पूजा-अर्चना को लेकर जबरदस्त तैयारी चल रही है। 25 जुलाई से माह शुरू होगा। भक्त 26 जुलाई को प्रथम सोमवार व्रत रखेंगे। इस साल कुल चार सावन सोमवार पड़ेंगे। इसमें भगवान शिव का विशेष पूजन, अनुष्ठान व व्रत करने का विशेष फल मिलता है। श्रावण मास रविवार से शुरू होकर रविवार को ही समाप्त हो रहा है।
शिव मंदिर शंकर नगर के पुजारी पं. रमेश तिवारी ने बताया कि श्रावण मास में भगवान शिव के दर्शन पूजन, अर्चना व व्रत से जीवन में सर्व संकटों के निवारण के साथ अभीष्ट की प्राप्ति होती है। सावन में इस साल कुल चार सोमवार पड़ेंगे। प्रथम सोमवार 26 जुलाई, द्वितीय सोमवार दो अगस्त, तृतीय सोमवार नौ अगस्त व चतुर्थ सोमवार 16 अगस्त को है। संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत 27 जुलाई मंगलवार को, नागपंचमी 28 जुलाई बुधवार, कामदा एकादशी व्रत चार अगस्त बुधवार को है।
शिवजी की प्रसन्नता के लिए किए जाने वाला प्रदोष व्रत पांच अगस्त गुरुवार व 20 अगस्त शुक्रवार को होगा। मान्यता है कि श्रावण मास का ऐसे तो हर दिन पवित्र माना गया है लेकिन सोमवार के दिन का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान शिव को जल चढ़ाना चाहिए और पूरे विधि-विधान से उनकी पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं। वहीं कुंआरी कन्याएं भी अच्छे वर के लिए सोमवार का व्रत करती हैं।
शिव का अष्टमुखी मंदिर
न्यायधानी के मध्य स्थित मध्यनगरीय चौक पर भगवान शिव का अष्टमुखी मंदिर है। यह शहर ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी शिव आस्था का प्रमुख केंद्र है। नाम के अनुरूप यहां भगवान शिव अष्टमुखी स्वरूप में विराजित हैं। भक्तों को उनके आठ भव्य स्वरूपों के दर्शन होते हैं। ये आठ दिशाओं का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। आठ तत्वों में अग्नि, जल, पृथ्वी, वायु, आकाश, मन और अहंकार शामिल हैं।
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