बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) की छात्राएं हास्टल रूम छोड़ने के लिए राजी नहीं हैं। इसे लेकर विरोध प्रदर्शन भी कर चुकी हैं। वहीं सिम्स प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि नए सत्र शुरू होने पर सीनियर छात्रों को रूम छोड़कर अपने बैच वाले ब्लाक में रहना पड़ेगा। आने वाले प्रथम वर्ष की सभी छात्राओं को एक ही ब्लाक में रखा जाएगा।
सितंबर में सिम्स में एमबीबीएस प्रथम वर्ष का सत्र शुरू होना है। ऐसे में आने वाली प्रथम वर्ष की छात्राओं को हास्टल के एक ही ब्लाक में रखने की कवायद चल रही है। इसके तहत शनिवार को सिम्स प्रबंधन ने वरिष्ठ छात्राओं को रूम छोड़ने का फरमान जारी किया। इससे छात्राएं भड़क गईं और रूम ना छोड़ने की बात को लेकर हंगामा मचाने लगीं।
वहीं रविवार को इस मामले में साफ किया गया है कि हास्टल में पर्याप्त कमरे हैं। वहीं अब हर बैच वालों को एक ब्लाक में रखने की व्यवस्था की जा रही है। लेकिन, छात्राएं रूम छोड़ने का विरोध कर रही हैं। लेकिन, नियम छात्रहित के लिए बने हैं, यदि एक बैच की छात्राएं एक ही ब्लाक में रहती हंै तो इसका फायदा उन्हीं को मिलेगा। वहीं आने वाली छात्राओं को भी एक ही ब्लाक में रखना है। इसलिए बैच वाइस ब्लाक का चयन कर इधर-उधर करने की प्रक्रिया की जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में कुछ छात्राओं को रूम शिफ्ट करना ही पड़ेगा।
रंगरोगन के साथ अपनी सहुलियत के अनुसार बना चुकी हैं रूम
रूम नहीं छोड़ने वाली कुछ छात्राओं को कहना है कि दो से तीन सालों से रूम में रह रही हैं। ऐसे में इन रूम को अपनी सुविधा के अनुसार बदलाव किया गया है। रंगरोगन करने के साथ ही कुछ बदलाव किए हैं। ऐसे में रूम नहीं छोड़ सकतीं। इसमे प्रबंधन ने साफ
ब्वायज हास्टल में हो चुकी है शिफ्टिंग
ऐसा नहीं है कि छात्राओं को ही रूम छोड़ने को कहा जा रहा है। छात्रों को भी प्रथम वर्ष के नए छात्रों का हवाला देकर रूम खाली करने को कहा गया था। ऐसे में छात्रों ने किसी प्रकार का विरोध नहीं किया और रूम शिफ्टिंग भी कर चुके हैं।
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