श्योपुर: जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर गोहेड़ा गांव में एक घर में मगरमच्छ घुस गया, जिससे लोगों में दशहत फैल गई। विधायक बाबू जंडेल ने इस मगरमच्छ को रेस्क्यू कर पकड़ा। इसका एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें विधायक मगरमच्छ को रस्सियों से बांधते हुए दिखाई दे रहे हैं। बता दें कि गोहेड़ा के एक घर में बुधवार रात करीब 8 बजे सात फीट का मगरमच्छ घुस आया, जिससे ग्रामीण भयभीत हो गए। घर में मगरमच्छ घुसने के बाद घर के लोग घर छोड़कर बाहर निकल आए। गांव के लोगों को जब इस बारे में पता चला तो हाथों लाठियां लेकर आ गए और मगरमच्छ को चारों तरफ से घेर लिया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को फोन कर सूचना दी, लेकिन काफी देर तक वन विभाग की टीम नहीं पहुंची। घर में मगरमच्छ घुसने की खबर ग्रामीणों ने विधायक बाबूलाल जंडेल को दी। सूचना मिलने के बाद गुरुवार की सुबह 4:30 बजे विधायक गांव में पहुंच गए। विधायक ने ग्रामीणों से कहा कि वन विभाग की टीम मगरमच्छ को पकड़ने नहीं आई तो क्या। हम किसी के सहारे नहीं जीते। हम अपनी रक्षा करना खुद जानते हैं, इसलिए डरने की बात नहीं है, मैं मगरमच्छ को पकडूंगा। विधायक का हौंसला देख ग्रामीणों में हिम्मत आ गई। इसके बाद विधायक वह ग्रामीणों ने मिलकर रेस्क्यू करना शुरू कर दिया। स्थानीय युवकों व विधायक ने पहले मगरमच्छ के मुंह को रस्सी से बांधा। फिर उसकी पूंछ बांधी। इस पूरी घटना का वीडियो ग्रामीणों ने बना लिया और इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया। करीब दो घंटे तक ये रेस्क्यू आपरेशन चला। ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग को फोन किया, लेकिन उनकी टीम नहीं पहुंची। गांव में सभी लोग डरे हुए थे। लेकिन हमारे विधायक ने मगरमच्छ को पकड़ने हमारी मदद की। ग्रामीणों ने मगरमच्छ को पकड़ने के बाद चंबल नदी में छोड़ दिया।
ग्रामीणों ने विधायक को दी थी मगरमच्छ की सूचना
विधायक ने मगरमच्छ के मुंह को रस्सी से बांधा
मगरमच्छ को चंबल नदी में छोड़ा
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श्योपुर: जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर गोहेड़ा गांव में एक घर में मगरमच्छ घुस गया, जिससे लोगों में दशहत फैल गई। विधायक बाबू जंडेल ने इस मगरमच्छ को रेस्क्यू कर पकड़ा। इसका एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें विधायक मगरमच्छ को रस्सियों से बांधते हुए दिखाई दे रहे हैं।
बता दें कि गोहेड़ा के एक घर में बुधवार रात करीब 8 बजे सात फीट का मगरमच्छ घुस आया, जिससे ग्रामीण भयभीत हो गए। घर में मगरमच्छ घुसने के बाद घर के लोग घर छोड़कर बाहर निकल आए। गांव के लोगों को जब इस बारे में पता चला तो हाथों लाठियां लेकर आ गए और मगरमच्छ को चारों तरफ से घेर लिया।
ग्रामीणों ने विधायक को दी थी मगरमच्छ की सूचना
ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को फोन कर सूचना दी, लेकिन काफी देर तक वन विभाग की टीम नहीं पहुंची। घर में मगरमच्छ घुसने की खबर ग्रामीणों ने विधायक बाबूलाल जंडेल को दी। सूचना मिलने के बाद गुरुवार की सुबह 4:30 बजे विधायक गांव में पहुंच गए। विधायक ने ग्रामीणों से कहा कि वन विभाग की टीम मगरमच्छ को पकड़ने नहीं आई तो क्या। हम किसी के सहारे नहीं जीते। हम अपनी रक्षा करना खुद जानते हैं, इसलिए डरने की बात नहीं है, मैं मगरमच्छ को पकडूंगा।
विधायक ने मगरमच्छ के मुंह को रस्सी से बांधा
विधायक का हौंसला देख ग्रामीणों में हिम्मत आ गई। इसके बाद विधायक वह ग्रामीणों ने मिलकर रेस्क्यू करना शुरू कर दिया। स्थानीय युवकों व विधायक ने पहले मगरमच्छ के मुंह को रस्सी से बांधा। फिर उसकी पूंछ बांधी। इस पूरी घटना का वीडियो ग्रामीणों ने बना लिया और इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया।
मगरमच्छ को चंबल नदी में छोड़ा
करीब दो घंटे तक ये रेस्क्यू आपरेशन चला। ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग को फोन किया, लेकिन उनकी टीम नहीं पहुंची। गांव में सभी लोग डरे हुए थे। लेकिन हमारे विधायक ने मगरमच्छ को पकड़ने हमारी मदद की। ग्रामीणों ने मगरमच्छ को पकड़ने के बाद चंबल नदी में छोड़ दिया।


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