खंडवा। महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर सियासत तेज हो गई है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष (शहर) प्रतिभा रघुवंशी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संविधान संशोधन विधेयक का लोकसभा में गिरना लोकतंत्र और संविधान की जीत है। उन्होंने इसे परिसीमन के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कथित साजिश की नाकामी बताया।
🎙️ गांधी भवन में पत्रकार वार्ता: ‘विपक्ष की एकजुटता की जीत’
जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने बताया कि रविवार को दोपहर 1 बजे कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रतिभा रघुवंशी ने कहा कि विपक्ष की एकजुटता ने केंद्र सरकार की मंशा को विफल कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन लागू करना चाहती थी, जिससे बिना जातीय आंकड़ों के राजनीतिक समीकरण साधे जा सकें।
🎯 ‘परिसीमन के जरिए राजनीतिक लाभ लेना चाहती थी सरकार’
रघुवंशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के बयानों से यह स्पष्ट हो गया था कि सरकार इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के तौर पर देख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने यह रणनीति बनाई थी कि यदि बिल पास नहीं होता तो विपक्ष को महिला विरोधी बताया जाएगा, और पास होने पर परिसीमन के जरिए राजनीतिक लाभ उठाया जाएगा।
❓ संसद के विशेष सत्र और बिल को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि सरकार ने अचानक संसद का विशेष सत्र बुलाकर विधेयक का मसौदा अंतिम समय में रखा, जिससे विपक्ष को पर्याप्त समय नहीं मिला। उन्होंने सवाल उठाया कि 2023 में सर्वसम्मति से पारित महिला आरक्षण बिल को अब तक लागू क्यों नहीं किया गया।
⚖️ ‘तुरंत लागू हो आरक्षण, ओबीसी महिलाओं को मिले उनका हक’
रघुवंशी ने मांग की कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर गंभीर है, तो महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि लोकसभा की 543 सीटों में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए विपक्ष पूरी तरह तैयार है, साथ ही ओबीसी महिलाओं को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण देने की भी वकालत की। उन्होंने दावा किया कि देश ने देख लिया है कि जब विपक्ष एकजुट होता है, तो सरकार को चुनौती दी जा सकती है। साथ ही यह भी कहा कि हाल के घटनाक्रम ने यह संकेत दिया है कि जनता का भरोसा केंद्र सरकार से कम हो रहा है।
🛡️ उन्नाव, हाथरस और मणिपुर की घटनाओं पर सरकार को घेरा
कांग्रेस ने भाजपा पर महिलाओं से जुड़े मुद्दों— उन्नाव, हाथरस और मणिपुर जैसी घटनाओं— पर संवेदनशीलता नहीं दिखाने का आरोप भी लगाया। पार्टी ने कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन लागू करने की कोशिश महिलाओं के साथ विश्वासघात है और इसका जवाब देश की महिलाएं आने वाले समय में देंगी।
👥 पत्रकार वार्ता में इन कांग्रेसजनों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर प्रतिभा रघुवंशी के साथ सुधा खान, मीनू मंडलोई, रूपा कासडे, आशी सिलावट, मीना वर्मा, विशाल जैन, मनोज मंडलोई, इमरान गौरी, प्रेमांशु जैन, विकास व्यास, गुरप्रीत सिंह, वकील नीलकंठ, अयान, वामनराव जाधव, प्रेमेंद्र मंडलोई सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद थे।
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