खंडवा। तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में स्वर्गीय लोकेंद्र सिंह बस स्टैंड से ज्योतिर्लिंग उज्जैन के नाम पर अवैध बसों का संचालन बड़ी मात्रा में हो रहा है। उज्जैन ज्योतिर्लिंग के नाम से सूर्यास्त के बाद बिना परमिट के बसें भरकर श्रद्धालुओं को इंदौर के सरवटे बस स्टैंड उतार कर परेशान करने की घटनाएं अब बढ़ने लगी हैं। इस मामले को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ परिवहन मंत्री, कलेक्टर और परिवहन विभाग खंडवा को जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और श्रद्धालुओं ने भी अवगत कराया है।
📢 प्रशासन की चेतावनियों के बावजूद बेखौफ चल रहे वाहन
ओंकारेश्वर में खंडवा, खरगोन, इंदौर एवं उज्जैन रूट की बसें संचालित की जाती हैं। बस स्टैंड की बिगड़ी व्यवस्था को सुधारने के लिए खंडवा कलेक्टर के निर्देश पर मुख्य नगर परिषद अधिकारी द्वारा वाहनों को सुचारू रूप से खड़े करने की कार्रवाई की गई है और उद्घोषणा केंद्र से लगातार चेतावनियां भी दी जा रही हैं। मांधाता पुलिस द्वारा जवान भी तैनात किया गया है। इसके बावजूद सूर्यास्त के बाद बस स्टैंड से बिना परमिट के वाहन संचालित हो रहे हैं। जबरन दादागिरी के चलते श्रद्धालु भी अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। यहां बिना परमिट की लगभग दो दर्जन से अधिक बसें चल रही हैं, वहीं परमिट वाली 30 से अधिक बसें संचालित की जा रही हैं।
😡 परिवहन विभाग की लापरवाही और धूमिल होती छवि
परिवहन विभाग की लापरवाही के चलते बिना परमिट के चल रहे वाहनों के कारण तीर्थयात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। श्रद्धालुओं से उज्जैन के नाम पर अधिक पैसे लेकर उन्हें इंदौर के सरवटे बस स्टैंड पर ही छोड़कर मनमानी की जा रही है, जिससे ओंकारेश्वर की छवि धूमिल हो रही है। क्षेत्रीय परिवहन विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा केवल खानापूर्ति की कार्रवाई करने के कारण अवैध बसों का संचालन कर रहे रसूखदारों और सत्ता पक्ष से जुड़े नेताओं के चहेतों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।
🚨 संबंधित विभागों को तालमेल बनाकर कार्रवाई की आवश्यकता
तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। संबंधित विभागों को आपस में तालमेल बनाकर अवैध रूप से संचालित हो रही बसों को रोकने और संरक्षण प्राप्त लोगों पर कानूनी शिकंजा कसने की आवश्यकता है। बाहर से आए श्रद्धालुओं ने कई बार मीडिया से शिकायत की तथा सीएम हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत करने की बात कही, किंतु ज्योतिर्लिंग की छवि को ध्यान में रखते हुए स्थानीय लोगों ने कई बार उन्हें समझाइश देकर रवाना किया।
🙏 श्रद्धालुओं ने प्रशासन से लगाई गुहार
तमिलनाडु एवं गुजरात के श्रद्धालुओं ने कहा कि “ओंकारेश्वर एक अच्छा स्थान है और दर्शन व्यवस्था भी अच्छी है, लेकिन यातायात व्यवस्था और बसों की मनमानी से हम काफी परेशान हुए। हमें उज्जैन के नाम पर बैठाया गया और इंदौर में ही छोड़ दिया गया। बाहर से आने वाले कई लोग इसी तरह परेशान होते हैं, वे शिकायत नहीं करते, लेकिन इसमें सुधार होना चाहिए।” ज्योतिर्लिंग उज्जैन और ओंकारेश्वर के बीच बड़ी संख्या में टैक्सियों का संचालन भी किया जा रहा है। एजेंटों की भरमार है और बस स्टैंड, बालवाड़ी व ब्रह्मपुरी क्षेत्र से श्रद्धालुओं से अधिक पैसे लेकर टैक्सियां संचालित हो रही हैं, जो यातायात में भी बाधक बन रही हैं।
🗣️ अधिकारियों का क्या कहना है?
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मोनिका पारधी, सीएमओ नगर परिषद ओंकारेश्वर: “बस स्टैंड पर बसें सुव्यवस्थित लगें और मूलभूत सुविधाओं के साथ उद्घोषणा केंद्र से लगातार चेतावनियां दी जाती हैं।”
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अनोख सिंह सिंधिया, थाना प्रभारी मांधाता: “बस स्टैंड पर डायल 112 के साथ जवान की ड्यूटी लगाई गई है। चालानी कार्रवाई पुलिस द्वारा की जाती है, शिकायत मिलने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई होगी।”
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दीपक माझी, आरटीओ खंडवा: “ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में अगर बसें अवैध रूप से संचालित होती पाई गईं, तो विभाग द्वारा जल्द कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में भी श्रद्धालुओं से विवाद की शिकायतें मिल चुकी हैं।”


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