भोपाल: मध्य प्रदेश के शासकीय और निजी महाविद्यालयों में स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है। राज्य में अब पुलिस, होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) में सेवा के दौरान शहीद हुए कर्मियों की विधवाओं एवं उनके आश्रित बच्चों को उच्च शिक्षा में विशेष आरक्षण का सीधा लाभ मिलेगा। उच्च शिक्षा विभाग ने इस जनहितैषी और संवेदनशील फैसले के संबंध में प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और अग्रणी कॉलेजों को नए दिशा-निर्देश और गाइडलाइन जारी कर दिए हैं।
💺 सुपरन्यूमेरेरी (अतिरिक्त) सीट रहेगी आरक्षित: नियमित सीटों की संख्या पर नहीं पड़ेगा कोई प्रभाव
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से मध्य प्रदेश में पहली बार इस प्रकार की विशेष कल्याणकारी व्यवस्था लागू की जा रही है। इस नीति के तहत कॉलेज के प्रत्येक स्नातक (UG) पाठ्यक्रम में कुल स्वीकृत सीटों के अतिरिक्त एक ‘सुपरन्यूमेरेरी’ (अतिरिक्त) सीट विशेष रूप से आरक्षित की जाएगी। इस तकनीकी व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इससे सामान्य प्रवेश प्रक्रिया या कॉलेजों की नियमित सीटों की संख्या पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। उच्च शिक्षा विभाग का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहीद परिवारों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर और सुलभ अवसर उपलब्ध कराना है।
📜 प्रमाण-पत्र के आधार पर मिलेगा लाभ: ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल पर करना होगा पृथक श्रेणी में आवेदन
उच्च शिक्षा विभाग ने अपनी गाइडलाइन में पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस विशेष आरक्षण का लाभ केवल उन्हीं प्रतिभावान अभ्यर्थियों को मिलेगा, जो गृह विभाग या संबंधित सक्षम सैन्य/अर्धसैन्य प्राधिकारी द्वारा जारी वैध शहीद प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करेंगे। प्रवेश के इच्छुक पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा विभाग के ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल (EPRAVESH) पर जाकर निर्धारित पृथक श्रेणी (Special Category) के अंतर्गत ही अपना डिजिटल आवेदन दर्ज करना अनिवार्य होगा। आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही अतिरिक्त सीट पर प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा।
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