जबलपुर: जबलपुर सहित पूरे महाकोशल क्षेत्र में इन दिनों भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। तेज धूप, गर्म पछुआ हवाओं और बढ़ती उमस ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। आसमान में छिटपुट बादल दिखाई देने के बावजूद लोगों को गर्मी से कोई राहत नहीं मिल रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी 48 घंटों तक जबलपुर और आसपास के जिलों में गर्मी का प्रकोप इसी तरह बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 18 और 19 मई को गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है और अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज होने की प्रबल संभावना है।
🔥 20 मई से लू चलने के आसार: दोपहर के समय घरों में कैद रहने को मजबूर हुए नागरिक, हीट स्ट्रोक का खतरा
मौसम विभाग ने 20 मई से एक बार फिर क्षेत्र में ‘हीट वेव’ यानी भीषण लू चलने की आशंका जताई है। इसके चलते आने वाले दिनों में तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। दिन के समय तेज धूप और गर्म थपेड़ों के कारण लोगों को आवश्यक कार्यों के लिए भी घरों से बाहर निकलने में भारी कठिनाई हो रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय दोपहर के दौरान सीधे धूप में निकलना स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है। गर्म हवाओं के कारण हीट स्ट्रोक (लू लगना) और शरीर में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) का खतरा काफी बढ़ गया है।
👶 बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की सलाह: डॉक्टरों ने कहा—पर्याप्त पानी पीएं और सिर ढंककर ही निकलें
बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी नागरिकों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों के अनुसार, छोटे बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण उनमें लू लगने का खतरा सबसे अधिक रहता है। इसलिए उन्हें दिन के समय घर के भीतर ही रहने और पर्याप्त मात्रा में ओआरएस (ORS) घोल, नींबू पानी या सादा पानी पीने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, जो लोग अनिवार्य कार्यों से बाहर जा रहे हैं, उन्हें धूप में निकलते समय चेहरे और सिर को सूती कपड़े से ढंकने, चश्मा लगाने और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
🌾 मौसम बदलाव के बीच किसानों के लिए चेतावनी: नए पश्चिमी विक्षोभ को देखते हुए एडवायजरी जारी
मौसम विभाग के अनुसार, इस भीषण गर्मी के बीच आने वाले दिनों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भी सक्रिय हो सकता है, जिससे मौसम का मिजाज अचानक बदल सकता है। इसे देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों ने किसानों के लिए विशेष एडवायजरी जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन किसानों की रबी फसलें खेतों में कटकर या उपार्जन (खरीदी) केंद्रों में खुले आसमान के नीचे रखी हैं, वे संभावित बेमौसम बारिश और तेज आंधी को देखते हुए तुरंत तिरपाल या सुरक्षित भंडारण के इंतजाम कर लें। इसके साथ ही, खरीफ फसल की अगेती तैयारी कर रहे किसानों को भी मौसम के इस उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहने को कहा गया है।
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