दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके में बुधवार सुबह हुए एक भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। होटल फ्लोरिश स्टे में सुबह करीब 8:30 बजे लगी आग ने देखते ही देखते पूरी पांच मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। मरने वालों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, और घायल लोगों में से कई की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
🦸♀️ मां की ममता: बच्चे को गोद में लेकर तीसरी मंजिल से लगाई छलांग
इस हादसे के बीच एक बेहद भावुक और साहसी दृश्य देखने को मिला। जान बचाने की अंतिम कोशिश में एक महिला ने अपने छोटे बच्चे को सीने से लगाकर तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। स्थानीय निवासियों और गद्दे की दुकान चलाने वाले दुकानदारों ने तत्परता दिखाते हुए नीचे गद्दे बिछा दिए थे, जिससे महिला और बच्चा सीधे गद्दों पर गिरे। इस बहादुरी और सूझबूझ के चलते दोनों की जान बच गई, हालांकि महिला को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
🤝 स्थानीय लोगों की इंसानियत: गद्दे बिछाकर बचाई जानें
दमकल विभाग और बचाव दल के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने मानवता की मिसाल पेश की। इलाके के दुकानदारों और युवाओं ने जान की परवाह न करते हुए राहत कार्य में हाथ बंटाया। आसपास की गद्दे और कंबल की दुकानों से गद्दे निकालकर सड़क पर बिछाए गए, ताकि ऊंचे फ्लोर से कूदने वाले लोगों को सुरक्षित बचाया जा सके। स्थानीय निवासियों की इस त्वरित कार्रवाई ने दर्जनों लोगों को मौत के मुंह से बाहर निकाला। फिलहाल प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग आग लगने के कारणों की सघन जांच कर रहे हैं।
संपादकीय टिप्पणी: होटल और रिहायशी इमारतों में सुरक्षा नियमों का पालन जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर हो सकता है। क्या आपको लगता है कि इस प्रकार की पुरानी इमारतों में ‘फायर ऑडिट’ को और अधिक सख्त बनाने की आवश्यकता है? अपने विचार नीचे साझा करें।
यह खबर आपको कैसी लगी?


दिल्ली/NCR




























