शिवपुरी: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिला मुख्यालय पर बुधवार को सरकारी कन्या छात्रावास की छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। दर्जनों की संख्या में छात्राएं अपनी बदहाल स्थिति और परोसे जा रहे दूषित भोजन की शिकायत लेकर सीधे जिला कलेक्ट्रेट पहुंच गईं। जनसुनवाई के दौरान छात्राओं ने प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित आवेदन सौंपकर हॉस्टल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
🐛 भोजन में मिल रहे कीड़े और इल्लियां
छात्राओं ने आरोप लगाया है कि हॉस्टल में उन्हें जो खाना दिया जाता है, वह पूरी तरह अमानवीय है। दाल, चावल और सब्जी में अक्सर कीड़े, इल्लियां और कंकड़ निकलते हैं। छात्राओं का दावा है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद हॉस्टल वार्डन और रसोइए की तरफ से कोई सुधार नहीं किया गया, बल्कि आवाज उठाने पर उन्हें चुप करा दिया जाता है। दूषित भोजन के कारण कई छात्राओं की तबीयत भी बिगड़ चुकी है।
🚻 बदहाल व्यवस्था: 50 छात्राओं पर मात्र एक बाथरूम
भोजन के अलावा छात्रावास की अन्य बुनियादी सुविधाएं भी नदारद हैं। छात्राओं ने बताया कि 50 छात्राओं के लिए केवल एक बाथरूम है, जो हमेशा गंदा रहता है। गर्मी के मौसम में खराब पड़े पंखों को ठीक करने की गुहार लगाने पर वार्डन ने कथित तौर पर यह कह दिया कि “अपने पैसों से कूलर लगवा लो।”
⚖️ डिप्टी कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
छात्राओं ने लापरवाह वार्डन और जिम्मेदार स्टाफ को तत्काल प्रभाव से हटाए जाने की मांग की है। इस पूरे मामले पर शिवपुरी के डिप्टी कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला ने कहा, “छात्राओं की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जो भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
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