नई दिल्ली: मशहूर हरियाणवी डांसर और पूर्व बिग बॉस कंटेस्टेंट सपना चौधरी ने अपने पति वीर साहू के खिलाफ घरेलू हिंसा और शारीरिक उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए द्वारका महिला कोर्ट ने एक सख्त अंतरिम आदेश जारी किया है, जिसके तहत अगली सुनवाई तक वीर साहू पर सपना से किसी भी प्रकार का संपर्क रखने या उनके करीब जाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।
📊 कोर्ट में पेश किए सबूत: मेडिकल रिपोर्ट और रिकॉर्डिंग्स
सपना चौधरी ने अदालत में अपनी याचिका के साथ हिंसा के ठोस सबूत पेश किए हैं, जिनमें मेडिकल रिपोर्ट, चोटों की तस्वीरें और ऑडियो रिकॉर्डिंग्स शामिल हैं। सपना ने आरोप लगाया है कि वीर साहू न केवल उनके साथ मारपीट करते थे, बल्कि उनके प्रोफेशनल इवेंट्स में जाकर सार्वजनिक रूप से हंगामा भी करते थे ताकि उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके। इन उत्पीड़नों के कारण सपना फिलहाल अपने दो बच्चों के साथ अलग रह रही हैं।
🛡️ सुरक्षा के लिए कोर्ट का सख्त अंतरिम आदेश
अदालत ने सपना चौधरी की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वीर साहू को निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:
नो कॉन्टैक्ट ऑर्डर: शारीरिक, फोन या डिजिटल—किसी भी माध्यम से संपर्क करने पर पाबंदी।
दूरी बनाए रखने का निर्देश: सपना के घर, कार्यस्थल और उनकी फिल्म प्रीमियर वेन्यू के आसपास जाने पर रोक।
सुरक्षा सुनिश्चित करना: स्थानीय SHO और प्रोटेक्शन ऑफिसर को सपना चौधरी की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अदालत ने इस मामले में वीर साहू को औपचारिक समन जारी किया है। अगली विस्तृत सुनवाई 25 जुलाई को होगी, जिसमें वीर साहू को अदालत के सामने अपना पक्ष रखना होगा। सपना चौधरी की कानूनी टीम ने इसे न्याय की दिशा में पहला कदम बताया है।📅 अगली सुनवाई की तारीख
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