धनबाद जिले के झरिया स्थित घनुडीह चीनकोठी बस्ती के पास सिंह नेचुरल आउटसोर्सिंग परियोजना के विस्तार को लेकर बुधवार को भारी विवाद खड़ा हो गया। स्थानीय ग्रामीणों ने बस्ती के समीप ओबी (ओवरबर्डन) डंपिंग का कड़ा विरोध किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और मारपीट हुई। ग्रामीणों ने दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग का भी आरोप लगाया है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
👊 ग्रामीणों के साथ मारपीट का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी द्वारा बस्ती के बेहद करीब ओबी डंप किया जा रहा था, जिसका वे विरोध कर रहे थे। आरोप है कि विरोध के दौरान कंपनी समर्थक मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मारपीट की। ग्रामीणों के अनुसार, लोगों में डर पैदा करने के लिए हवाई फायरिंग भी की गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
🔍 मौके से खोखा बरामद, पुलिस जांच जारी
सूचना मिलते ही धनबाद मेयर संजीव सिंह और घनुडीह ओपी प्रभारी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। मौके से एक खोखा बरामद होने की सूचना है। पुलिस बारीकी से जांच कर रही है। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि आवेदन मिलने के बाद ही कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
🚧 विवादित स्थल पर डंपिंग पर रोक
मेयर संजीव सिंह ने कहा कि ग्रामीणों की आपत्ति के बावजूद ओबी डंपिंग का कार्य जारी था, जो गलत है। उन्होंने मामले में कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय पर पुलिस नहीं पहुंचती, तो स्थिति और खराब हो सकती थी। मेयर ने स्पष्ट किया कि जब तक उच्चस्तरीय बैठक नहीं हो जाती, तब तक विवादित स्थल पर डंपिंग या कोई नया कार्य नहीं होगा।
😰 पीड़ितों का बयान और दहशत
स्थानीय ग्रामीण सुनील कुमार मंडल (छोटू मंडल) ने आरोप लगाया कि अवैध ओबी डंपिंग का विरोध करने पर करीब 30 लोगों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। उन्होंने दावा किया कि इस हमले में उनका हाथ टूट गया है। फायरिंग की घटना से स्थानीय लोग डरे हुए हैं।
“मारपीट की घटना की सूचना मिली है, लेकिन फायरिंग की पुष्टि नहीं हुई है। अभी तक किसी भी पक्ष से लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।” — प्रकाश चंद्र महतो, एसडीपीओ, सिंदरी
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