दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन के मद्देनजर सुरक्षा कारणों से 16 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के प्रेसिडेंट विकास सिंह ने सीजेआई (CJI) सूर्यकांत की बेंच के सामने अर्जी दाखिल की। उन्होंने कहा कि मेट्रो स्टेशन बंद होने से वकीलों और रजिस्ट्री स्टाफ को परेशानी हो रही है। इस पर सीजेआई ने कहा कि यदि लंच तक हालात नहीं सुधरे, तो अदालत इस पर दखल देगी और यह भी सुनिश्चित किया कि पेश न होने पर किसी के खिलाफ प्रतिकूल आदेश पारित न हो।
🛑 कौन-कौन से मेट्रो स्टेशन किए गए हैं बंद?
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के अनुसार, लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद रखे गए हैं। हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय पर यात्रियों के लिए केवल इंटरचेंज (लाइन बदलने) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
👥 यात्रियों और ऑफिस जाने वालों को हुई भारी असुविधा
सुरक्षा के इन कड़े उपायों के चलते बुधवार और गुरुवार को हजारों ऑफिस जाने वाले यात्रियों और छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ट्रेनें चुनिंदा रूटों पर चलती रहीं लेकिन निर्धारित स्टेशनों पर नहीं रुकीं, जिससे यात्रियों को गंतव्य से आगे जाकर सड़क मार्ग से वापस लौटना पड़ा।
🗣️ विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार पर बोला हमला
विपक्षी नेताओं ने मेट्रो स्टेशन बंद करने के सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना की है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मेट्रो बंद करने से आंदोलन और मजबूत होगा, सरकार को युवाओं की बात सुननी चाहिए। वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी सरकार के इस कदम को गलत बताते हुए कहा कि प्रशासन को छात्रों से संवाद स्थापित करना चाहिए था, न कि उन्हें रोकने के लिए ऐसे कड़े प्रतिबंध लगाने चाहिए थे।
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