पेपर लीक के गंभीर मसले पर राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन अभी भी जारी है. इस बीच, मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के पुख्ता आश्वासन मिलने के बाद प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अपनी 26 दिनों लंबी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है. सोनम के अनशन खत्म करने से ठीक पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे मसले पर पूरी तरह सक्रिय नजर आए. बीते 24 घंटों के दौरान पीएम मोदी ने अपने दो अलग-अलग संदेशों के जरिए यह स्पष्ट करने की पूरी कोशिश की है कि केंद्र सरकार इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है.
🏛️ सोमवार को संसद में पेश होगा नया संशोधन विधेयक, कैबिनेट की बैठक में होगी चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक से जुड़े मामलों पर गुरुवार देर रात राष्ट्र के नाम अपने संदेश में ऐलान किया कि अगले हफ्ते संसद के मॉनसून सत्र के दौरान एक नया और सख्त बिल पेश किया जाएगा, जिसमें पेपर लीक के खिलाफ बेहद कड़े प्रावधान शामिल किए जाएंगे. करीब 3 मिनट के अपने वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने बताया कि इस नए बिल के ड्राफ्ट को लेकर शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में विस्तार से चर्चा की जाएगी, जिसमें इस प्रस्तावित कानून को अंतिम रूप दिया जाएगा.
⚖️ सार्वजनिक परीक्षा कानून में होंगे कड़े संशोधन, दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024’ में कई अहम और कड़े संशोधन किए जा सकते हैं. यह कानून पहले से ही 21 जून 2024 से प्रभावी है, लेकिन इसे और अधिक कठोर बनाया जा रहा है. आज दोपहर 1 बजे होने वाली कैबिनेट की बैठक में इसे आधिकारिक मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है. इन नए संशोधनों के तहत मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ बनाने का कानूनी प्रावधान जोड़ा जा सकता है, साथ ही इन फास्ट ट्रैक अदालतों को और अधिक व्यापक अधिकार भी दिए जा सकते हैं. इसके अलावा, अपराध के लिए सजा और जुर्माने की राशि को भी काफी बढ़ाया जा सकता है. मौजूदा नियमों के तहत व्यक्तिगत मामलों में 3 से 5 साल की सजा और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना है, जबकि सर्विस प्रोवाइडर पर 1 करोड़ तक का जुर्माना लगता है. वहीं संगठित अपराध के मामलों में 5 से 10 साल की सजा और न्यूनतम 1 करोड़ रुपये का जुर्माना तय है.
🎯 “युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा” – पीएम मोदी
पेपर लीक को एक बहुत बड़ी समस्या बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह अच्छी तरह समझते हैं कि यह कोई छोटी समस्या नहीं है, बल्कि देश के लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए इस तरह की घटनाएं बेहद कष्टदायक होती हैं. यही वजह है कि जब से नीट पेपर लीक के मामले सामने आए हैं (करीब ढाई महीने पहले), तब से सरकार द्वारा लगातार कई कड़े कदम उठाए गए हैं. दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन की बात दोहराते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मुख्य दोषियों को पहले ही पकड़ा जा चुका है और वे सलाखों के पीछे हैं. हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना थी कि छात्रों का एक साल पूरी तरह बर्बाद न हो, इसलिए जल्द से जल्द दोबारा परीक्षा कराना अनिवार्य था. उपलब्ध सभी संसाधनों का सही उपयोग करते हुए सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि 22 लाख छात्र एक बार फिर परीक्षा में शामिल हो सकें.
🥤 सोनम वांगचुक ने समाप्त किया 26 दिनों का अनशन, मंत्रियों ने अस्पताल पहुंचकर दी सांत्वना
उधर, पिछले 26 दिनों से आमरण अनशन और भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार की ओर से आधिकारिक आश्वासन मिलने के बाद आखिरकार कल रात अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुरुवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे और वहां वांगचुक से मुलाकात की. दोनों वरिष्ठ मंत्रियों ने वांगचुक को सरकार की तरफ से उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का पूरा भरोसा दिलाया, जिसके बाद उन्होंने अपना अनशन तोड़ दिया. सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी शुभकामनाएं देते हुए लिखा, “मैं सोनम से विनम्र अनुरोध करता हूं कि वह डॉक्टरों की सभी सलाह मानें और अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देते हुए वजन को फिर से पुरानी स्थिति में लाएं, मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वह हमेशा स्वस्थ रहें.”


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