दुर्ग (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त, सीहोर वाले प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
सोमवार से कथा स्थल पर आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियां तेजी से शुरू कर दी गई हैं। कथा के भूमि पूजन और शुभारंभ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुईं।
🙏 वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ भूमि पूजन, कौशल्या देवी साय ने भजनों से शिव भक्ति का बांधा समां
मुख्य अतिथि कौशल्या देवी साय ने आचार्यों एवं आचार्यों द्वारा किए गए वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर भव्य आयोजन का विधिवत शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने शिव भजनों की प्रस्तुति भी दी, जिससे संपूर्ण माहौल भक्तिमय हो गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में सैकड़ों महिलाओं सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में भगवान भोलेनाथ की महाआरती उतारी गई। इस दौरान कौशल्या देवी साय ने कहा कि “यह छत्तीसगढ़ का महान सौभाग्य है कि यहां लगातार पिछले ढाई वर्षों से पंडित प्रदीप मिश्रा जी के श्रीमुख से शिव कथा का गंगा प्रवाह हो रहा है।”
🎪 बोल बम कल्याण सेवा समिति करा रही आयोजन, 1 लाख वर्गफीट में तैयार हो रहे विशाल वाटरप्रूफ डोम
कथा का आयोजन ‘बोल बम कल्याण एवं सेवा समिति’ के तत्वावधान में किया जा रहा है, जिसको लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
मानसून के मौसम और बारिश की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए आयोजन स्थल पर लगभग 1 लाख वर्गफीट के विशाल भूभाग में तीन भव्य डोम निर्मित किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को जलभराव या बारिश से किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पूरे पंडाल परिसर को पूरी तरह से वाटरप्रूफ बनाया जा रहा है, ताकि दूर-दराज के जिलों से आने वाले भक्तों को सुगम अनुभव मिल सके।
🚪 श्रद्धालुओं के लिए 4 प्रवेश द्वार और सुरक्षा-पेयजल के कड़े इंतजाम, पंडित प्रदीप मिश्रा के लिए रहेगा विशेष द्वार
आयोजन समिति ने बताया कि कथा स्थल पर श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन और भीड़ नियंत्रण हेतु चार अलग-अलग प्रवेश द्वार (Entry Gates) बनाए जा रहे हैं।
वहीं, कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी के आगमन हेतु एक अलग विशेष वीआईपी (VIP) प्रवेश द्वार निर्धारित रहेगा, जहां आम जनमानस का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। समिति का अनुमान है कि प्रतिदिन कथा में लाखों की संख्या में श्रद्धालु शिरकत करेंगे, जिसके लिए सुरक्षा व्यवस्था, वाहनों हेतु विशाल पार्किंग, शुद्ध पेयजल और चिकित्सा सहायता सहित सभी मूलभूत नागरिक सुविधाओं की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
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