रांची (झारखंड): दिल्ली में पेपर लीक प्रकरण के उपरांत अब झारखंड की राजधानी रांची में भी अभ्यर्थियों का व्यापक जन-आंदोलन जोर पकड़ता जा रहा है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की OMR शीट विवाद, 14वीं JSSC-CGL एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली व गड़बड़ियों के खिलाफ परीक्षार्थियों का उग्र विरोध-प्रदर्शन निरंतर जारी है। आंदोलनकारी छात्र परीक्षाओं में हुई धांधली की सीबीआई (CBI) जांच कराने तथा राज्य की भर्ती एजेंसियों में पारदर्शी सुधार लागू करने की मांग कर रहे हैं। इस बीच कई प्रमुख छात्र संगठनों ने राज्य विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान घेराव करने की आधिकारिक घोषणा की है।
📜 जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 10 दिनों से डटे हैं सैकड़ों छात्र, विपक्षी दलों का भी मिल रहा समर्थन
बीते लगभग 10 दिनों से सैकड़ों की संख्या में प्रतियोगी छात्र रांची स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम (कचहरी) में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह पर एकाग्र होकर बैठे हुए हैं।
हाथों में भारत के संविधान की प्रति लेकर बैठे ये अभ्यर्थी जेपीएससी और जेएसएससी को पूरी तरह से भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की मांग कर रहे हैं। समय के साथ-साथ आंदोलनरत युवाओं को राज्य के विभिन्न राजनीतिक दलों का प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष नैतिक समर्थन भी प्राप्त हो रहा है।
🔍 CID का बड़ा एक्शन: JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते से 7 घंटे तक चली चौथे दौर की पूछताछ
दूसरी ओर, शासन-प्रशासन के स्तर पर भी विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
प्रकरण की जांच कर रही सीआईडी (CID) की विशेष टीम ने राज्य के विभिन्न संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की है। सीआईडी अधिकारियों ने सोमवार को जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते से कथित अनियमितताओं के मामले में लगभग सात घंटे तक कड़ी पूछताछ की। उल्लेखनीय है कि जांच एजेंसी द्वारा उनसे यह चौथे चरण की पूछताछ थी; इससे पूर्व 28 जुलाई को 9 घंटे तथा 29 व 31 जुलाई को 8-8 घंटे तक मैराथन पूछताछ की जा चुकी है।
❌ 14वीं JPSC PT परीक्षा रद्द करने और CBI जांच कराने पर अड़े परीक्षार्थी
सत्याग्रह कर रहे परीक्षार्थियों की स्पष्ट मांग है कि जेपीएससी और जेएसएससी द्वारा आयोजित विवादित परीक्षाओं की जांच राज्य CID के स्थान पर निष्पक्ष केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाए।
इसके साथ ही 14वीं जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा (PT) को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर पुनः पारदर्शी ढंग से परीक्षा आयोजित की जाए। छात्रों ने मांग रखी है कि भर्ती प्रक्रियाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी किया जाए और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले माफियाओं को चिन्हित कर कठोरतम सजा दी जाए।
🎪 मुंडा स्टेडियम में गुटों में बंटता दिख रहा आंदोलन, रणनीति और नेतृत्व पर उभरे मतभेद
हालांकि, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी छात्रों का यह अनिश्चितकालीन सत्याग्रह अब आंतरिक रूप से विभाजित होता हुआ दिखाई दे रहा है।
स्टेडियम परिसर के भीतर दो अलग-अलग स्थानों पर तंबू (टेंट) लगाए गए हैं। अभ्यर्थियों का मानना है कि बाह्य राजनीतिक हस्तक्षेप और संगठनात्मक मतभेदों के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है। यद्यपि दोनों गुटों की मूल मांगें एक समान हैं, परंतु आंदोलन के संचालन, नेतृत्व और भविष्य की रणनीति को लेकर एकराय न बन पाने से संयुक्त एकजुटता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
📢 6 अगस्त को JLKM का घेराव, देवेंद्र नाथ महतो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे
जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच का नेतृत्व कर रहे ‘झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा’ (JLKM) के जुझारू नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 25 जुलाई से शुरू किए गए सत्याग्रह के बाद 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन अनशन (भूख हड़ताल) प्रारंभ कर दिया है।
महतो का कहना है कि जब तक सरकार सभी जायज मांगों को स्वीकार नहीं करती, उनका अनशन जारी रहेगा। इस गुट ने 6 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव करने का आह्वान किया है, जिसमें राज्य के सभी 24 जिलों से हजारों अभ्यर्थियों के रांची पहुँचने का दावा किया जा रहा है।
🗓️ AISA का 7 अगस्त और JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच का 10 अगस्त को अलग से मार्च
JLKM से इतर अभ्यर्थियों का दूसरा प्रमुख गुट ‘JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच’ 6 अगस्त के स्थान पर 10 अगस्त को 24 जिलों के छात्रों के साथ विधानसभा घेराव करने की तैयारी कर रहा है।
इसी क्रम में तीसरे प्रमुख छात्र संगठन ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (AISA) ने घोषणा की है कि 7 अगस्त को राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की उपस्थिति व नेतृत्व में रांची में विशाल विधानसभा मार्च निकाला जाएगा।
🏛️ बीजेपी-आजसू का समर्थन, गतिरोध समाप्त करने हेतु उच्च स्तरीय कमेटी बना सकती है राज्य सरकार
छात्रों के इस उग्र रुख को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP), आजसू (AJSU) और जेएलकेएम जैसे दल पूरी तरह मुखर हैं।
भारतीय जनता युवा मोर्चा तथा आजसू पार्टी द्वारा जेपीएससी कार्यालय घेराव से लेकर लोकभवन मार्च तक के कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इस बीच प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार आंदोलन को अतिशीघ्र समाप्त कराने के प्रयास में जुटी है। अभ्यर्थियों से वार्ता करने, उनकी मांगों की समीक्षा करने तथा समाधान का मार्ग प्रशस्त करने के लिए सरकार जल्द ही एक उच्च स्तरीय समिति (High-Level Committee) का गठन कर सकती है।
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