बठिंडा (पंजाब): बठिंडा स्थित सिविल एयरपोर्ट (विरक कलां) से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए एलायंस एयर (Alliance Air) द्वारा संचालित की जा रही नियमित हवाई सेवा पिछले दो सप्ताह से बुरी तरह प्रभावित चल रही है।
तय समय-सारणी के अनुसार सप्ताह में पांच दिन निर्धारित उड़ानों में से बीते दो हफ्तों के दौरान केवल दो दिन ही विमान उड़ान भर सका है।
अधिकांश उड़ानों के अचानक निरस्त हो जाने के कारण यात्रियों को अंतिम समय में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें महंगे व वैकल्पिक साधनों से अपनी यात्रा पूरी करनी पड़ रही है। चिंताजनक बात यह है कि तीसरे सप्ताह के आरंभ में भी उड़ानों के रद्द होने का यह सिलसिला बदस्तूर जारी है।
⚠️ तकनीकी खामी बताकर पल्ला झाड़ रही एयरलाइन: मालवा क्षेत्र के यात्रियों को भारी परेशानी
उड़ानें रद्द होने का प्रभाव और यात्रियों की समस्याएं:
तकनीकी कारणों का हवाला: एयरलाइन प्रबंधन की ओर से उड़ानों के रद्द होने के पीछे प्राथमिक कारण ‘तकनीकी समस्या’ बताया जा रहा है, किंतु बार-बार बुकिंग बंद होने और अचानक फ्लाइट कैंसिल होने का कोई स्पष्ट और पारदर्शी कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
मालवा क्षेत्र की लाइफलाइन: कोविड काल के उपरांत केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना ‘उड़ान’ (UDAN) के अंतर्गत बहाल की गई यह हवाई सेवा बठिंडा समेत समूचे मालवा क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
पेशेवरों और मरीजों पर असर: एम्स (AIIMS) बठिंडा के विशेषज्ञ चिकित्सक, मेडिकल छात्र, गुरु गोबिंद सिंह रिफाइनरी के शीर्ष अधिकारी, सिविल डिफेंस कर्मी, व्यापारी और आपातकालीन मरीज नियमित रूप से इस सेवा पर निर्भर हैं। फ्लाइट कैंसिल होने से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को अंतिम समय में रेल या सड़क मार्ग से धक्के खाने पड़ रहे हैं।
हवाई अड्डा प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष:📅 1 अक्टूबर से लागू होगा नया विंटर शेड्यूल: एयरपोर्ट डायरेक्टर कौशल कंबोज का बयान
एयरलाइन के पाले में गेंद: बठिंडा सिविल एयरपोर्ट के निदेशक कौशल कंबोज ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि तकनीकी कारणों और ऑपरेशनल दिक्कतों के संबंध में संबंधित एयरलाइन प्रबंधन ही आधिकारिक व सटीक जानकारी दे सकता है।
नया शेड्यूल तैयार: उन्होंने आश्वस्त किया कि 1 अक्टूबर से नया उड़ान शेड्यूल प्रभावी कर दिया गया है और सेवाएं नियमित रखने का प्रयास किया जा रहा है।
अग्रिम सूचना की व्यवस्था: निदेशक ने बताया कि भविष्य में किसी भी अप्रत्याशित तकनीकी खराबी या उड़ान रद्द होने की स्थिति में यात्रियों को पहले से ही एसएमएस (SMS) और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उन्हें एयरपोर्ट आकर परेशान न होना पड़े।
योजना का भविष्य और स्थानीय नागरिकों की मांगें:📍 अक्टूबर अंत में समाप्त हो रहा ‘उड़ान’ का कार्यकाल: अन्य शहरों से कनेक्टिविटी की उठी मांग
योजना की समय सीमा: उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ योजना के अंतर्गत संचालित इस विशेष अनुबंध और सब्सिडी की अवधि आगामी अक्टूबर 2026 के अंत में समाप्त होने जा रही है।
सेवा विस्तार की पुरजोर मांग: बठिंडा और आसपास के औद्योगिक व व्यापारिक संगठनों ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से मांग की है कि इस हवाई रूट को बंद करने के बजाय स्थायी रूप से जारी रखा जाए।
अन्य महानगरों से जुड़ाव: इसके साथ ही स्थानीय नागरिकों ने बठिंडा एयरपोर्ट से जम्मू, जयपुर, चंडीगढ़ और मुंबई जैसे देश के अन्य प्रमुख व्यापारिक व पर्यटन केंद्रों के लिए भी सीधी उड़ानें शुरू करने की पुरजोर मांग उठाई है।
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