चंडीगढ़/जालंधर: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के कैंपस में हाल ही में भड़की भारी हिंसा और उपद्रव का मामला अब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की चौखट पर पहुंच गया है।
यूनिवर्सिटी परिसर में हुई तोड़फोड़, आगजनी और अराजकता को लेकर उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है।
मंगलवार को यह याचिका पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ के समक्ष त्वरित सुनवाई के लिए प्रस्तुत की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने इस पर बुधवार को विस्तृत सुनवाई करने की सहमति प्रदान कर दी है।
🔥 कैंपस में दंगा, आगजनी और लूटपाट का आरोप: 18 घंटे तक ठप रहा नेशनल हाईवे
याचिका में उठाए गए प्रमुख मुद्दे और आरोप:
सीबीआई जांच की मांग: याचिकाकर्ता ने कैंपस की घटनाओं को कानून-व्यवस्था के लिए बेहद गंभीर बताते हुए हाईकोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप करने और पूरे प्रकरण की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई है।
संपत्ति का भारी नुकसान: याचिका में आरोप लगाया गया है कि उपद्रव के दौरान यूनिवर्सिटी परिसर में सरकारी व निजी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया गया, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लूटपाट की गई और वाहनों को आग के हवाले किया गया।
यातायात व्यवस्था ध्वस्त: उग्र विरोध प्रदर्शन के चलते दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे लगभग 18 घंटे तक पूरी तरह बाधित रहा, जिससे आम जनता और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
यूनिवर्सिटी प्रशासन का फैसला और वर्तमान स्थिति:🏫 तनाव के मद्देनजर 10 दिनों के लिए कक्षाएं स्थगित: कैंपस में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
एकेडमिक गतिविधियां बंद: परिसर में बने तनावपूर्ण और संवेदनशील माहौल को ध्यान में रखते हुए यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने त्वरित कदम उठाया है। 28 सितंबर से आगामी 10 दिनों तक सभी नियमित कक्षाएं और शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह स्थगित कर दी गई हैं।
शांति बहाली की अपील: छात्रों और हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है, साथ ही पुलिस बल की अतिरिक्त टुकड़ियों को सुरक्षा में तैनात किया गया है।
विवाद का कारण और पुलिस की प्राथमिक जांच:📢 अफवाह के बाद भड़का था छात्रों का आक्रोश: पुलिस जांच में नहीं हुई घटना की पुष्टि
कथित घटना से फैला रोष: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार को कैंपस में एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न या अनहोनी की खबर तेजी से फैली, जिसके बाद आक्रोशित विद्यार्थियों ने उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पुलिस जांच में पुष्टि नहीं: स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा दर्ज मामले की प्रारंभिक जांच में अब तक ऐसी किसी भी अप्रिय घटना या कथित दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है।
अधिकारियों की चेतावनी: पुलिस और प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं और अनवेरिफाइड अफवाहें फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी जारी की है।
यह खबर आपको कैसी लगी?


पंजाब




























