भारतीय युवा पहलवान सुजीत कलकल ने कुश्ती मैट पर अपने शानदार प्रदर्शन से एक बार फिर पूरे देश का मस्तक गर्व से ऊंचा कर दिया है। शुक्रवार को खेले गए बेहद कड़े और रोमांचक मुकाबले में 23 वर्षीय सुजीत ने पुरुषों के 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल भार वर्ग में अपना दबदबा साबित करते हुए एशियाई खेलों का प्रतिष्ठित स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम कर लिया। खिताबी मुकाबले में रोमांचक जीत दर्ज करने के अलावा उन्होंने सेमीफाइनल में मौजूदा ओलंपिक चैंपियन को भी पटखनी दी और अपने इस खेल वर्ष का धमाकेदार व ऐतिहासिक अंत किया। फाइनल मुकाबले का रोंगटे खड़े कर देने वाला घटनाक्रम: शुरुआती दबाव: स्वर्ण पदक के निर्णायक मुकाबले में ताजिकिस्तान के ताकतवर पहलवान अब्दुलमजिद कुदिएव ने सुजीत के सामने बेहद कड़ी चुनौती पेश की।
हार का खतरा टला: मैच के एक समय सुजीत 2-9 के बड़े अंतर से पीछे चल रहे थे, जिससे मुकाबले में हार का खतरा मंडराने लगा था।
लगातार बटोरे 8 अंक: इसके बाद भारतीय पहलवान ने संयम, सूझबूझ और आक्रामकता का अद्भुत परिचय देते हुए मैट पर लगातार आठ अंक हासिल किए।
ऐतिहासिक जीत: जबरदस्त वापसी करते हुए सुजीत ने अंततः इस रोमांचक मुकाबले को जीतकर तिरंगा लहराया और देश की झोली में सोने का तमगा डाला।
टूर्नामेंट में सुजीत का स्वर्णिम सफर: शानदार आगाज: सुजीत ने अपने अभियान की शुरुआत अफगानिस्तान के सैयद उमर जजई के खिलाफ की और 13-3 से टेक्निकल सुपीरियरिटी के आधार पर एकतरफा जीत दर्ज की।
ईरानी पहलवान को धोया: अगले दौर में उन्होंने ईरान के मजबूत पहलवान अब्बास इब्राहिमजादेहसावदकोही के खिलाफ बिना कोई अंक गंवाए शानदार खेल दिखाते हुए टेक्निकल सुपीरियरिटी से बाउट जीती।
ओलंपिक चैंपियन को चटाई धूल: सेमीफाइनल मुकाबले में सुजीत का सामना जापान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका से हुआ। बेहद कड़े मुकाबले में सुजीत ने 3-3 के स्कोर पर क्राइटेरिया के आधार पर ओलंपिक चैंपियन को शिकस्त देकर फाइनल का टिकट पक्का किया था।
🔥 2-9 से पिछड़ने के बाद गजब की वापसी: ताजिकिस्तान के पहलवान को फाइनल में हराया
🤼♂️ अफगानिस्तान से लेकर ईरान तक दबदबा: सेमीफाइनल में ओलंपिक चैंपियन को किया परास्त
यह खबर आपको कैसी लगी?
भारतीय युवा पहलवान सुजीत कलकल ने कुश्ती मैट पर अपने शानदार प्रदर्शन से एक बार फिर पूरे देश का मस्तक गर्व से ऊंचा कर दिया है।
शुक्रवार को खेले गए बेहद कड़े और रोमांचक मुकाबले में 23 वर्षीय सुजीत ने पुरुषों के 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल भार वर्ग में अपना दबदबा साबित करते हुए एशियाई खेलों का प्रतिष्ठित स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम कर लिया।
खिताबी मुकाबले में रोमांचक जीत दर्ज करने के अलावा उन्होंने सेमीफाइनल में मौजूदा ओलंपिक चैंपियन को भी पटखनी दी और अपने इस खेल वर्ष का धमाकेदार व ऐतिहासिक अंत किया।
🔥 2-9 से पिछड़ने के बाद गजब की वापसी: ताजिकिस्तान के पहलवान को फाइनल में हराया
फाइनल मुकाबले का रोंगटे खड़े कर देने वाला घटनाक्रम:
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शुरुआती दबाव: स्वर्ण पदक के निर्णायक मुकाबले में ताजिकिस्तान के ताकतवर पहलवान अब्दुलमजिद कुदिएव ने सुजीत के सामने बेहद कड़ी चुनौती पेश की।
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हार का खतरा टला: मैच के एक समय सुजीत 2-9 के बड़े अंतर से पीछे चल रहे थे, जिससे मुकाबले में हार का खतरा मंडराने लगा था।
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लगातार बटोरे 8 अंक: इसके बाद भारतीय पहलवान ने संयम, सूझबूझ और आक्रामकता का अद्भुत परिचय देते हुए मैट पर लगातार आठ अंक हासिल किए।
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ऐतिहासिक जीत: जबरदस्त वापसी करते हुए सुजीत ने अंततः इस रोमांचक मुकाबले को जीतकर तिरंगा लहराया और देश की झोली में सोने का तमगा डाला।
🤼♂️ अफगानिस्तान से लेकर ईरान तक दबदबा: सेमीफाइनल में ओलंपिक चैंपियन को किया परास्त
टूर्नामेंट में सुजीत का स्वर्णिम सफर:
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शानदार आगाज: सुजीत ने अपने अभियान की शुरुआत अफगानिस्तान के सैयद उमर जजई के खिलाफ की और 13-3 से टेक्निकल सुपीरियरिटी के आधार पर एकतरफा जीत दर्ज की।
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ईरानी पहलवान को धोया: अगले दौर में उन्होंने ईरान के मजबूत पहलवान अब्बास इब्राहिमजादेहसावदकोही के खिलाफ बिना कोई अंक गंवाए शानदार खेल दिखाते हुए टेक्निकल सुपीरियरिटी से बाउट जीती।
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ओलंपिक चैंपियन को चटाई धूल: सेमीफाइनल मुकाबले में सुजीत का सामना जापान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका से हुआ। बेहद कड़े मुकाबले में सुजीत ने 3-3 के स्कोर पर क्राइटेरिया के आधार पर ओलंपिक चैंपियन को शिकस्त देकर फाइनल का टिकट पक्का किया था।


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