दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को ओखला लैंडफिल साइट का औचक दौरा कर वहां चल रहे कचरा प्रबंधन कार्यों की जमीनी स्थिति का सघन निरीक्षण किया।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने मौके पर उपस्थित नगर निगम और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से कचरा निस्तारण की मौजूदा प्रगति, साइट पर उपलब्ध खाली क्षेत्र और नई प्रोसेसिंग सुविधाओं की कुल क्षमता को लेकर विस्तार से समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दशकों की अनदेखी और अव्यवस्था के कारण राष्ट्रीय राजधानी में खड़े हुए कूड़े के विशालकाय पहाड़ अब सरकार के सतत और नियोजित प्रयासों से तेजी से सिमट रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य केवल पुराने कचरे (Legacy Waste) को हटाना ही नहीं है, बल्कि रोजाना उत्पन्न होने वाले ताजे कचरे (Fresh Waste) का वैज्ञानिक पद्धति से प्रसंस्करण कर उसे दोबारा पहाड़ बनने से रोकना भी है।
♻️ 100 एकड़ भूमि को कराया गया मुक्त: 217.17 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का हुआ सफल निस्तारण
कचरा प्रबंधन के आंकड़े और नई प्रोसेसिंग सुविधाओं की रूपरेखा:
विशाल भूभाग खाली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि पिछले लगभग डेढ़ वर्षों के दौरान ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल साइट्स से कुल 217.17 लाख मीट्रिक टन कचरे का सुरक्षित व वैज्ञानिक निस्तारण किया जा चुका है।
100 एकड़ जमीन की बहाली: निरंतर चले इस बायो-माइनिंग अभियान के परिणामस्वरूप अब तक लगभग 100 एकड़ मूल्यवान भूमि को कूड़े के ढेरों से पूरी तरह मुक्त कराया जा चुका है।
नए प्लांट्स की क्षमता: मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक से लैस नए वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट्स के पूरी तरह सक्रिय होते ही कचरे के वैज्ञानिक प्रसंस्करण और रोजाना निस्तारण की गति कई गुना बढ़ जाएगी।
जमीनी समीक्षा और तकनीकी क्रियान्वयन से जुड़े अहम दिशा-निर्देश:🛑 नए कचरे को पहाड़ बनने से रोकने पर विशेष फोकस: अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
दोहरी रणनीति पर काम: साइट का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सिर्फ ऊपरी कचरे को हटा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नीचे दबे पुराने कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के साथ-साथ रोजाना आने वाले नए कचरे को प्रोसेस करने की मजबूत व्यवस्था तुरंत लागू की जाए।
पूरी क्षमता से काम करें यूनिट्स: उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माणाधीन और प्रस्तावित नई प्रोसेसिंग यूनिट्स को बिना किसी देरी के पूरी क्षमता के साथ कार्यशील बनाया जाए।
जमीन का सदुपयोग: मुक्त कराई गई लैंडफिल साइट की जमीन का जनहित और हरित परियोजनाओं के लिए प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने की योजना तैयार करने को कहा गया है।
भविष्य की योजनाएं और दीर्घकालिक दृष्टिकोण:🌿 स्वच्छ, सुंदर और टिकाऊ दिल्ली का संकल्प: वेस्ट-टू-रिसोर्स और ग्रीन एनर्जी पर जोर
समेकित कचरा प्रबंधन: मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि दिल्ली को स्वच्छ, प्रदूषणमुक्त और विश्वस्तरीय शहर बनाने के लिए सरकार नई प्रोसेसिंग क्षमता, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, वेस्ट-टू-रिसोर्स और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के प्रोजेक्ट्स पर एक साथ युद्धस्तर पर कार्य कर रही है।
पहचान बदलने का संकल्प: उन्होंने दोहराया कि सरकार का दृढ़ संकल्प है कि वर्षों से दिल्ली के माथे पर कलंक बने कूड़े के पहाड़ों का नामोनिशान हमेशा के लिए मिटाया जाए।
सतत विकास: आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, सुंदर, हरित और पर्यावरण के अनुकूल दिल्ली का निर्माण करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
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