छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के जवान विजेंद्र ठाकुर की बीजापुर में हुई संदिग्ध मौत के बाद से इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। हालांकि विभाग ने उनकी मौत को खुदकुशी बताया था, लेकिन परिजनों ने इसे सिरे से खारिज करते हुए हत्या की आशंका जताई और न्याय की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। शुक्रवार को देवनगर में जवान का अंतिम संस्कार किया गया, जहां परिजनों और ग्रामीणों ने खुद अपने हाथों से जवान के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर भावभीनी अंतिम विदाई दी।
🏛️ परिजनों और ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन: विभाग पर लापरवाही का आरोप, एक करोड़ मुआवजा और शहीद का दर्जा देने की मांग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (SAF) की छठी बटालियन में पदस्थ जवान विजेंद्र ठाकुर की बीजापुर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। जब बटालियन की ओर से जवान का शव उनके पैतृक गांव पहुंचाया गया, तो परिवार ने आत्महत्या की थ्योरी को नकार दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि शव के साथ विभाग का कोई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं था और न ही उन्हें शहीद का दर्जा दिया गया। इसी बात से नाराज होकर शुक्रवार सुबह परिजनों और स्थानीय निवासियों ने सूरजपुर के रामानुजनगर विकास खंड के देवनगर मुख्य मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन किया तथा हत्या की निष्पक्ष जांच, एक करोड़ रुपये मुआवजा और बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने की मांग की।
🤝 प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन: एसडीएम को सौंपा गया मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन
परिजनों और ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। एसडीएम और पुलिस बल ने शोकाकुल परिवार को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए शांत कराया। अधिकारियों की समझाइश के बाद परिजनों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने नम आंखों से जवान को अंतिम विदाई दी, जबकि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है।
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