छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के सैंड्रा कैंप में पदस्थ छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के जवान विजेंद्र ठाकुर की गोली लगने से हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। फरसेगढ़ थाना पुलिस ने इस घटना पर मर्ग कायम कर अपनी कानूनी जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 को जवान की मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शुरुआती साक्ष्य जुटाए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है।
🔍 पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुदकुशी की आशंका: सूरजपुर के मूल निवासी थे जवान, परिजनों ने शव मिलने के बाद जताई हत्या की साजिश
घटना की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने मृतक जवान का शव उनके परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद परिजन पार्थिव शरीर को उनके गृह ग्राम सूरजपुर जिले के देवेंद्र नगर ले गए, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। हालांकि, मृतक के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से साफ इनकार कर दिया है और इस घटना के पीछे किसी गहरी साजिश या हत्या की आशंका जताई है। परिवार ने नाराजगी जताते हुए यह भी कहा कि शव घर लाए जाने के दौरान विभाग का कोई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं था और न ही उन्हें शहीद का दर्जा दिया गया।
⚖️ हर पहलू की गहराई से पड़ताल कर रही पुलिस: विभागीय अधिकारियों और साक्ष्यों के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
फरसेगढ़ थाना पुलिस और जिला प्रशासन इस मामले से जुड़े हर एक बिंदु की गंभीरता से जांच कर रहा है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया मामला खुदकुशी का संकेत दे रहा है, लेकिन परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों को ध्यान में रखते हुए पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले नए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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