Gwalior News: किसी ने अपना भाई खो दिया, किसी की गोद सूनी हो गई, तो किसी मां की आंखों के सामने ही उसके जिगर के टुकड़े ने जिंदगी की जंग हार दी. मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थित प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर के पास हुए इस भीषण और दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों को जिंदगी भर न भूलने वाला खौफनाक जख्म दिया है. माता के दरबार में दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुंचे श्रद्धालुओं को क्या मालूम था कि मंदिर की चौखट पर ही उनकी खुशियां पल भर में मातम में बदल जाएंगी.
ग्वालियर में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे चीनौर रोड की ढलान पर मौत बनकर दौड़े एक बेकाबू ट्रक ने कई परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया. शीतला माता मंदिर में दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु सड़क किनारे मौजूद थे, तभी तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित हुआ और लोगों को कुचलता हुआ दुकानों से जा टकराया. टक्कर इतनी भीषण थी कि मंदिर के प्रवेश द्वार की भारी दीवार ढह गई और कई लोग मलबे के नीचे दब गए. देखते ही देखते श्रद्धा का यह पवित्र स्थान चीख-पुकार, आंसुओं और अपनों को तलाशते बिलखते लोगों की आवाजों से गूंज उठा.
💔 14 मौतों से पसरा मातम, 35 घायल; आंखों के सामने जिंदगी की जंग हार गया 16 साल का गणेश
इस भयानक हादसे में अब तक 14 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है और करीब 35 अन्य लोग घायल हैं, जिनमें दो होमगार्ड जवान भी शामिल हैं. अस्पताल में भर्ती घायलों में सात की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है. लेकिन इन आंकड़ों से कहीं बड़ा वह दर्द है, जो अस्पताल के गलियारों में अपने परिजनों की सांसें तलाशते लोगों की पथराई आंखों में साफ दिखाई दे रहा है.
आकाश अपने 16 वर्षीय छोटे भाई गणेश के साथ माता के दरबार में हाजिरी लगाने आए थे. परिवार के साथ मंदिर पहुंचे आकाश को जरा भी अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में उनका छोटा भाई उनसे हमेशा के लिए छिन जाएगा. आकाश के मुताबिक, वे चार-पांच लोग साथ आए थे. कुछ लोग ऊपर दर्शन के लिए चले गए, जबकि 16 साल का गणेश मंदिर के प्रवेश द्वार के पास नीचे बैठा था. तभी अचानक अनियंत्रित ट्रक आया और वहां मौजूद लोगों को अपनी चपेट में लेता चला गया. जिस भाई के साथ आकाश घर से हंसते-खेलते निकले थे, वही भाई उनकी आंखों के सामने जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था. आकाश उसे बचाना चाहते थे, लेकिन हादसे की भयावहता के आगे पूरी तरह बेबस थे. छोटा भाई सामने तड़प रहा था, लेकिन वे चाहकर भी उसकी जान नहीं बचा सके. घटना को याद करते हुए आकाश फूट-फूटकर रो पड़े. आकाश ने आशंका जताई कि ट्रक के ब्रेक फेल होने के कारण यह हादसा हुआ, हालांकि वास्तविक वजह जांच के बाद ही साफ होगी.
👮♂️ “बेटे की सांसें चल रही थीं, पुलिस ने नहीं जाने दिया”: मां का छलका दर्द और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
हादसे ने एक मां को ऐसा दर्द दिया है, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए. अपने 19 वर्षीय बेटे को खोने वाली किरण ने पुलिसकर्मियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. किरण का कहना है कि जब वे अपने बेटे को अस्पताल लेकर पहुंचीं, तब उसकी सांसें चल रही थीं. उनके मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने बेटे को सीधे पोस्टमार्टम के लिए ले जाने को कहा. मां का दावा है कि बेटे की सांसें चलती देखकर वे उसे तुरंत किसी निजी अस्पताल ले जाना चाहती थीं, लेकिन रास्ते में पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस रोक दी. रोते हुए किरण ने बताया कि उन्होंने कई बार पुलिस वालों के सामने हाथ-पड़े जोड़े, गिड़गिड़ाईं, लेकिन उन्हें बेटे को निजी अस्पताल नहीं जाने दिया गया. वह रोते हुए कहती हैं कि वे ऐसी अभागी मां हैं, जो अपने जीते-जी बेटे को इलाज तक नहीं दिला सकीं.
अस्पताल पहुंचे लोकेंद्र सिंह तोमर ने प्रशासन के राहत प्रयासों को स्वीकार करते हुए सुरक्षा पर कड़े सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि जब आम दिनों में दोपहिया वाहनों तक की आवाजाही रोक दी जाती है, तो इतना भारी बेकाबू ट्रक मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार तक कैसे पहुंच गया. कलेक्टर रुचिका चौहान के मुताबिक, प्रशासन की टीमें लगातार मौके पर मौजूद रहीं और राहत-बचाव कार्य पूरा किया गया. पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और अधिकारियों के सामने घायलों को बेहतर इलाज देने के साथ-साथ हादसे के सही कारणों का पता लगाने की बड़ी चुनौती है.
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