रायपुर। प्रदेश में उच्च शिक्षा के प्रति युवाओं का रूझान लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (एआइएसएचई) रिपोर्ट 2020 के मुताबिक छत्तीसगढ़ में पिछले पांच वर्षों में पीएचडी करने वालों की संख्या में करीब 60 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।
साल 2016 में जहां 690 लोग पीएचडी कर रहे थे वहीं अब 2020 इनकी संख्या 1,515 तक पहुंच गई है। हालांकि एमफिल को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से जारी गाइडलाइन के कारण रुझान कम हो गया है। अब युवा स्नातकोत्तर(पीजी) करने के बाद सीधे पीएचडी करने लगते हैं। वहीं स्नातक(यूजी) में भी दाखिला लेने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है
यहां प्रति लाख की आबादी में इतने कालेज
प्रदेश में प्रति लाख की आबादी में 26 कालेज हैं। राज्य का सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) 18.5 फीसद है, जबकि देश का जीईआर 27.1 है। अभी तक नामांकन स्तर कम होने की वजह ग्रामीण इलाकों में कालेजों की संख्या कम होना माना जाता रहा है। राज्य सरकार ने दाखिले का स्तर बढ़ाने के लिए अब उच्च शिक्षा में स्नातक के लिए 25 और स्नातकोत्तर के लिए अधिकतम उम्र सीमा 27 का बंधन खत्म कर दिया है। अब कोई भी किसी भी संकाय में दाखिला ले सकता है।
प्रति लाख की आबादी में कालेजों की संख्या
राज्य कालेज
छत्तीसगढ़ 26 कालेज
बिहार 28 कालेज
मध्य प्रदेश 27 कालेज
महाराष्ट्र 34 कालेज
उत्तर प्रदेश 31 कालेज
साल पीएचडी एमफिल पीजी यूजी
2020 1,515 198 70,581 4,15,381
2019 1,474 344 68,447 4,06,296
2018 1,165 299 64,176 3,84,523
2017 1,266 277 57,091 3,60,235
2016 690 355 56,680 3,36,565
राज्य के कालेज-विश्वविद्यालयों पर एक नजर
1 केंद्रीय विश्वविद्यालय
4 राष्ट्रीय महत्व के संस्थान
13 राजकीय विश्वविद्यालय
1 राकीय मुक्त विश्वविद्यालय
9 निजी विश्वविद्यालय
810 प्राइवेट व सरकारी कालेज हैं
807 कालेज सक्रिय हैं
838 कुल कालेजों- विवि की संख्या
1 लाख आबादी पर 26 कालेज
557 छात्र प्रति कालेज में लेते हैं दाखिला
4.50 लाख पंजीकृत छात्र पढ़ाई कर रहे राज्य में
इंजीनिरिंग व फार्मेसी कालेजों पर नजर
विषय – कालेज – सीटों
इंजीनिरिंग – 35 -11291
बी-फार्मेसी – 42 – 3191 (डी फार्मेसी – 2771
राज्य में राष्ट्रीय स्तर के संस्थान
संस्थान – सीट
आइआइटी – 185
आइआइआइटी – 180
एनआइटी – 1197
देश में सबसे कम सकल नामांकन दर वाले राज्य
छत्तीसगढ़ 18.5
असम 17.3
बिहार 14.5
दादर और नगर हवेली 9.4
लद्दाख 7.9
लक्षदीप 7.5
दमन व दीव 6.1
बढ रहा दबाव
पिछले सालों में राज्य सरकार ने कालेज-विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ाई हैं। इसकी वजह से दाखिले का स्तर लगातार बढ़ रहा है।
– भुवनेश यादव, विशेष सचिव, उच्च शिक्षा
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