दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 के परिणामों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार में से तीन प्रमुख पदों पर कब्जा जमा लिया है। ABVP ने इस बड़ी जीत को राष्ट्रवाद, समरसता और ‘राष्ट्र प्रथम’ की विचारधारा में जेन-जी (Gen-Z) और युवा शक्ति के अटूट विश्वास की जीत बताया है। संगठन का कहना है कि यह परिणाम छात्रों की राष्ट्रवादी सोच और सांगठनिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
🏛️ 2. अध्यक्ष पद पर यश डबास, सचिव पद पर रिया छावड़ी और सह-सचिव पद पर लक्ष्यराज सिंह ने दर्ज की शानदार जीत
इस चुनाव में अध्यक्ष पद पर यश डबास, सचिव पद पर रिया छावड़ी और सह-सचिव पद पर लक्ष्यराज सिंह ने जीत दर्ज की है। एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी और प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि यह लड़ाई केवल एनएसयूआई से नहीं थी, बल्कि कांग्रेस की पूरी राजनीतिक मशीनरी और अन्य संगठनों के बावजूद विद्यार्थियों ने राष्ट्र प्रथम के भाव को चुना है। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने भी छात्रों के हितों और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी निष्ठा से काम करने का संकल्प लिया है।
🇮🇳 3. ‘इंदिरा भवन में नहीं तय होते पैनल’, एबीवीपी ने कहा- Gen-Z जातिवादी राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रवाद और समरसता के साथ है
एबीवीपी के नेताओं ने स्पष्ट किया कि संगठन में पैनल कमरों या इंदिरा भवन में बैठकर नहीं बनाए जाते, बल्कि लोकतांत्रिक और सांगठनिक प्रक्रिया के जरिए प्रत्याशियों का चयन होता है। नवनिर्वाचित अध्यक्ष यश डबास ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के जेन-जी छात्रों ने यह साबित कर दिया है कि वे विभाजनकारी और जातिवादी राजनीति से ऊपर उठकर छात्रहित और राष्ट्रहित के मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं। संगठन ने सभी विद्यार्थियों का आभार जताते हुए उनके भरोसे को जमीन पर उतारने का भरोसा दिलाया है।
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