अमृतसर। अमृतसर के तरनतारन रोड के पास स्थित चाटीविंड गांव की नहर में अचानक दरार पड़ने से हड़कंप मच गया। नहर का पानी तेजी से आसपास के रिहायशी इलाकों, खेतों और सड़कों की ओर घुसने लगा। पानी के आबादी वाले क्षेत्रों की तरफ बढ़ने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, सिंचाई विभाग और राहत टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमृतसर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने खुद मौके पर पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। नहर में पड़ी दरार को रोकने के लिए प्रशासनिक अमले के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने भी मोर्चा संभाल लिया है। लोग बोरियों में मिट्टी भरकर दरार वाले स्थान पर डालने में जुटे हुए हैं। इसके अलावा विशेष नेट (जालियां) भी मंगवाए गए हैं, जिनमें मिट्टी से भरी बोरियां बांधकर पानी के तेज बहाव के बीच दरार वाली जगह पर उतारी जा रही हैं। विधायक निज्जर के मुताबिक, राहत कार्यों के चलते फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन अगर दरार और चौड़ी होती है, तो आसपास के निचले इलाकों के लिए खतरे की स्थिति बन सकती है। वहीं, अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए पुलिस, नागरिक प्रशासन, राज्य सरकार और स्थानीय निवासी एकजुट होकर काम कर रहे हैं। पानी के रिसाव को तुरंत रोकने और दरार को स्थाई रूप से बंद करने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। फिलहाल प्रशासन द्वारा नहर के पीछे से जलस्तर को कम किया जा रहा है, ताकि पानी के दबाव को घटाया जा सके। इसके साथ ही मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर जारी है और प्रशासनिक टीमें 24 घंटे स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।🧱 स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा: मिट्टी की बोरियों और जालियों से दरार बंद करने का प्रयास
🚜 सांसद गुरजीत औजला बोले— “स्थिति नियंत्रण में”: युद्ध स्तर पर नहर का जलस्तर घटाने में जुटा प्रशासन
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अमृतसर। अमृतसर के तरनतारन रोड के पास स्थित चाटीविंड गांव की नहर में अचानक दरार पड़ने से हड़कंप मच गया। नहर का पानी तेजी से आसपास के रिहायशी इलाकों, खेतों और सड़कों की ओर घुसने लगा। पानी के आबादी वाले क्षेत्रों की तरफ बढ़ने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, सिंचाई विभाग और राहत टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमृतसर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने खुद मौके पर पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
🧱 स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा: मिट्टी की बोरियों और जालियों से दरार बंद करने का प्रयास
नहर में पड़ी दरार को रोकने के लिए प्रशासनिक अमले के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने भी मोर्चा संभाल लिया है। लोग बोरियों में मिट्टी भरकर दरार वाले स्थान पर डालने में जुटे हुए हैं।
इसके अलावा विशेष नेट (जालियां) भी मंगवाए गए हैं, जिनमें मिट्टी से भरी बोरियां बांधकर पानी के तेज बहाव के बीच दरार वाली जगह पर उतारी जा रही हैं। विधायक निज्जर के मुताबिक, राहत कार्यों के चलते फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन अगर दरार और चौड़ी होती है, तो आसपास के निचले इलाकों के लिए खतरे की स्थिति बन सकती है।
🚜 सांसद गुरजीत औजला बोले— “स्थिति नियंत्रण में”: युद्ध स्तर पर नहर का जलस्तर घटाने में जुटा प्रशासन
वहीं, अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए पुलिस, नागरिक प्रशासन, राज्य सरकार और स्थानीय निवासी एकजुट होकर काम कर रहे हैं।
पानी के रिसाव को तुरंत रोकने और दरार को स्थाई रूप से बंद करने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। फिलहाल प्रशासन द्वारा नहर के पीछे से जलस्तर को कम किया जा रहा है, ताकि पानी के दबाव को घटाया जा सके। इसके साथ ही मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर जारी है और प्रशासनिक टीमें 24 घंटे स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।


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