आसनसोल: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निर्देश पर आसनसोल पुलिस ने लाउडस्पीकर के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। इसी कड़ी में जहांगिरी मोहल्ला पुलिस फाड़ी (चौकी) की टीम रेलपार इलाके में पहुंची। वहां मुस्लिम समाज के लोगों को तेज आवाज में लाउडस्पीकर न बजाने को लेकर प्रशासनिक संदेश दिया गया और नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई। इस संदेश के बाद रेलपार इलाके के कई धार्मिक स्थलों पर बैठकें शुरू हो गईं। इसी बीच स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई और कुछ असामाजिक तत्वों ने भारी संख्या में पुलिस चौकी पहुंचकर जमकर हंगामा और तोड़फोड़ शुरू कर दी।
🚗 गाड़ियों को बनाया निशाना: इलाके में अफरा-तफरी, भारी पुलिस बल तैनात
उपद्रवियों ने न केवल पुलिस चौकी परिसर को नुकसान पहुंचाया, बल्कि आसपास के रिहायशी इलाकों में भी तोड़फोड़ की। घटना के दौरान कई सरकारी और निजी वाहनों को निशाना बनाया गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। वर्तमान में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र में पुलिस पिकेट तैनात कर दी गई है।
🔍 सीसीटीवी फुटेज से होगी पहचान: पुलिस उपायुक्त ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
आसनसोल के पुलिस उपायुक्त वी.जी. सतीश पसुमर्थी ने बताया कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और नागरिक सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल उपद्रवियों की पहचान करने के लिए इलाके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और वीडियो की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून हाथ में लेने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
📋 सीएम सुवेंदु अधिकारी के बड़े फैसले: लाउडस्पीकर पर रोक और ‘वंदे मातरम’ अनिवार्य
मुख्यमंत्री का पद संभालते ही सुवेंदु अधिकारी ने राज्य की प्रशासनिक और कानून व्यवस्था में कई बड़े बदलाव किए हैं:
लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध: सभी धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर तेज आवाज वाले लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है।
स्कूलों में वंदे मातरम: राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य कर दिया गया है।
BSF को जमीन हस्तांतरण: बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा अभेद्य करने के लिए 45 दिनों के भीतर बीएसएफ (BSF) को बाड़ लगाने हेतु जमीन सौंपने का फैसला हुआ है।
नए नियमों के तहत अब बिना आधिकारिक ‘फिटनेस सर्टिफिकेट’ के किसी भी मवेशी की हत्या पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यह सर्टिफिकेट केवल नगर पालिका अध्यक्ष, पंचायत समिति प्रमुख और सरकारी पशु चिकित्सक की त्रिपक्षीय सहमति और जांच के बाद ही जारी किया जा सकेगा। इसके साथ ही सुवेंदु सरकार ने राज्य में केंद्रीय आपराधिक कानून ‘भारतीय न्याय संहिता’ (BNS) को भी आधिकारिक तौर पर लागू करने की मंजूरी दे दी है, जिसे लागू न करने का आरोप पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार पर लगा था।🥩 मवेशी कटान पर कड़े नियम: बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के वध पर पूर्ण प्रतिबंध
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