नारायणपुर/सुकमा (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में चलाए जा रहे सघन एंटी-नक्सल ऑपरेशन के तहत सुरक्षाबलों को दो अलग-अलग अभियानों में उल्लेखनीय सफलता हासिल हुई है।
नारायणपुर जिले के अदनार के जंगलों और सुकमा जिले के बेलपोच्चों क्षेत्र में जवानों ने जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए घातक हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों का भारी जखीरा बरामद किया है। सुरक्षाबलों ने नक्सलियों द्वारा जमीन में गाड़े गए डंप को समय रहते खोज निकालकर एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है।
क्षेत्रीय गश्त और एरिया डोमिनेशन के दौरान जवानों को अदनार के घने जंगलों में जमीन की बनावट संदिग्ध नजर आई। जवानों ने अत्यधिक सावधानी के साथ जब चिन्हित स्थान की खुदाई की, तो प्लास्टिक में सुरक्षित लपेटकर दबाया गया नक्सलियों का बड़ा आर्म्स डंप बाहर निकल आया।
📦 नारायणपुर के अदनार जंगल से बरामद हथियारों का विवरण
बरामदगी की सूची:
10 राइफल (विभिन्न बोर की हथियार)
2 अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (UBGL)
13 जिंदा बीजीएल (BGL) शेल
16 राउंड जिंदा कारतूस
2 किलोग्राम शक्तिशाली विस्फोटक सामग्री
1 उच्च क्षमता वाला टेलिस्कोपिक साइट (दूरबीन)
संयुक्त अभियान और रणनीतिक रणनीति:👮 पुलिस और BSF का ज्वाइंट ऑपरेशन: पुराने नक्सली डंप की तलाश में खंगाले जा रहे जंगल
नेतृत्व और समन्वय: यह संयुक्त ऑपरेशन नारायणपुर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल और 129वीं वाहिनी बीएसएफ (BSF) के कमांडेंट मुकेश कुमार के कुशल मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑप्स) अक्षय सबद्रा की मौजूदगी में संचालित किया गया।
डंप नष्ट करने का लक्ष्य: सुरक्षाबलों का मुख्य उद्देश्य अंदरूनी वनांचलों में माओवादियों द्वारा अतीत में छिपाकर रखी गई हथियार डंपों को खोजना है ताकि भविष्य में इनका दुरुपयोग न हो सके।
सतर्कता अभियान: आत्मसमर्पण और दबाव के चलते बैकफुट पर आए नक्सलियों के पुराने अवशेषों को समाप्त करने के लिए सघन तलाशी अभियान लगातार जारी रखा जा रहा है।
कोंटा क्षेत्र में बरामदगी:💣 सुकमा के बेलपोच्चों में मिला भारी विस्फोटक: सरेंडर माओवादियों की सूचना पर कार्रवाई
सर्चिंग टीम की कार्रवाई: सुकमा जिले के कोंटा थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलपोच्चो से गोमपाड़ जाने वाले जंगली रास्ते में सर्चिंग पर निकली टीम ने जमीन के नीचे दबाया गया विस्फोटक बरामद किया।
संयुक्त टीम: इस अभियान में जिला पुलिस बल, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और बस्तर फाइटर्स के जवानों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।
बरामद विस्फोटक सामग्री:
3 किलोग्राम का 1 टिफिन बम (IED)
5 किलोग्राम का 1 शक्तिशाली टिफिन बम
4 बंडल कॉर्डेक्स वायर
10 नग डेटोनेटर
17 जिलेटिन रॉड्स
1 बंडल फ्यूज वायर व अन्य सहायक उपकरण
विगत महीनों की प्रमुख कार्रवाइयों का टाइमलाइन रिकॉर्ड:📜 वर्ष 2026 में बस्तर संभाग में पूर्व में बरामद किए गए प्रमुख नक्सली डंप
18 अगस्त 2026 (चिंतलनार, सुकमा): बीडीएस (BDS) टीम ने सर्चिंग के दौरान 25 जिलेटिन स्टिक, 2 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 16 BGL हेड, कॉर्डेक्स वायर, बैटरी कनेक्टर और अन्य उपकरण बरामद किए।
15 जुलाई 2026 (कांकेर-नारायणपुर सीमा): पहाड़ी क्षेत्र से टिफिन IED, पाइप बम और बीजीएल शेल बरामद कर बीडीएस टीम ने मौके पर ही नियंत्रित विस्फोट कर नष्ट किया।
12 जुलाई 2026 (कांकेर): डीआरजी और बीएसएफ की संयुक्त टीम ने जमीन में गाड़कर रखे गए हथियार, तकनीकी उपकरण (लैपटॉप और टैबलेट) बरामद किए।
13 मई 2026 (बीजापुर): सुरक्षाबलों ने भारी नकदी, हथियार, गोला-बारूद और दैनिक उपयोग का भंडार पकड़ा।
30 मार्च 2026 (मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी): मदनवाड़ा थाना क्षेत्र के घने जंगलों से नक्सलियों का बड़ा हथियारों का डंप जब्त हुआ।
26 फरवरी 2026 (कुमुराडी, नारायणपुर): रॉकेट लॉन्चर शेल, मोर्टार शेल, विस्फोटक और बड़ी मात्रा में मेडिकल सामग्री का डंप बरामद किया गया।
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