सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले की देवसर विधानसभा से भाजपा विधायक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से सर्कुलेट हो रहा है। 17 सितंबर को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर जिले भर में रक्तदान शिविर और दीपोत्सव का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था।
इसी दौरान देवसर विधानसभा के भाजपा विधायक राजेंद्र मेश्राम जोश-जोश में नारे का वास्तविक अर्थ ही भूल गए। जब उनकी जुबान फिसली तो उन्होंने सार्वजनिक मंच से ‘नरेंद्र मोदी अमर रहे’ के नारे लगा दिए।
⚠️ आमतौर पर मरणोपरांत लगता है ‘अमर रहे’ का नारा: कांग्रेस ने जमकर उड़ाईं खिल्लियां
गौरतलब है कि सामान्यतः ‘अमर रहे’ का नारा किसी व्यक्ति के मरणोपरांत ही लगाया जाता है, ताकि उस दिवंगत व्यक्ति द्वारा समाज के लिए किए गए महान कार्यों और उसकी यादों को सदैव जीवित रखा जा सके।
विधायक द्वारा यह नारा लगाते ही वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स पर जमकर शेयर किया जा रहा है और कांग्रेस पार्टी भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा विधायक पर तंज कस रही है व खिल्लियां उड़ा रही है।
🩸 रक्तदान शिविर के दौरान का है पूरा मामला: अन्य बड़े नेता भी थे मंच पर मौजूद
दरअसल, यह पूरा घटनाक्रम सिंगरौली जिला मुख्यालय क्षेत्र में गुरुवार का है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा जगह-जगह रक्तदान और दीपोत्सव के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे।
मुख्यालय में आयोजित रक्तदान शिविर के पास देवसर के भाजपा विधायक राजेंद्र मेश्राम के साथ सिंगरौली विधानसभा के विधायक रामनिवास शाह, नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडे समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। तभी उत्साह और नारेबाजी के बीच देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम ने ‘नरेंद्र मोदी अमर रहे’ बोलना शुरू कर दिया।
📲 साथी नेताओं ने कान में दी समझाइश: सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ वीडियो
हालांकि, एक-दो बार नारा दोहराने के तुरंत बाद पास में खड़े सहयोगी नेताओं ने उन्हें रोका और कान में धीमे से समझाइश दी।
लेकिन तब तक यह पूरा वाकया कैमरे में रिकॉर्ड हो चुका था और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। अब आम लोग और विपक्षी दल विधायक जी से सवाल पूछ रहे हैं कि क्या उन्हें ‘अमर रहे’ के नारे का सही अर्थ और संदर्भ नहीं पता था।
💬 विवाद पर भाजपा विधायक की सफाई: “अमर रहे का अर्थ है— जो कभी न मरे, विरोधी कर रहे दुष्प्रचार”
मामले में तूल पकड़ने के बाद देवसर के भाजपा विधायक राजेंद्र मेश्राम ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने कहा, “मेरे नारे का उद्देश्य और मतलब लोग गलत निकाल रहे हैं। ‘अमर रहे’ का शाब्दिक अर्थ होता है— जो कभी न मरे।”
विधायक ने आगे कहा, “जो वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है, वह मेरा ही है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन के अवसर पर चल रहे कार्यक्रम में मैंने यह नारा दिया था। कुछ लोग इसका भ्रामक दुष्प्रचार कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने वालों को बधाई, इस बहाने लोग मुझे और ज्यादा जानने लगेंगे।”
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