नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने सभी स्तर के नेताओं और पदाधिकारियों को सार्वजनिक जीवन में नैतिक आचरण, सादगी और शुचिता बनाए रखने का कड़ा संदेश दिया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने नेताओं को स्पष्ट रूप से आगाह किया है कि वे किसी से भी महंगे उपहार, आभूषण अथवा सोने-चांदी के मुकुट लेने से पूरी तरह परहेज करें।
निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई कार्यकर्ता या समर्थक किसी कार्यक्रम के दौरान अत्यधिक दबाव डालकर महंगा उपहार देने का प्रयास करता है, तो उसे अत्यंत विनम्रता व आग्रहपूर्वक वहीं वापस लौटा दिया जाए।
पार्टी मुख्यालय में आयोजित महासचिवों की महत्वपूर्ण बैठक के दौरान यह निर्देश दिए गए। बैठक में जोर देकर कहा गया कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय राजनेताओं से आम जनमानस की अपेक्षाएं बहुत भिन्न और उच्च स्तर की होती हैं। ऐसे में नेताओं को अपने व्यक्तिगत आचरण और सादगी के जरिए कार्यकर्ताओं और समाज के समक्ष एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। नेताओं को याद दिलाया गया कि उनके व्यक्तिगत तौर-तरीकों का सीधा प्रभाव पार्टी की सामूहिक छवि पर पड़ता है।
🎁 महंगे उपहारों से जनता में जाता है गलत संदेश: आगामी चुनावों को लेकर पार्टी सतर्क
चुनावी राज्यों की पृष्ठभूमि और गाइडलाइंस:
चुनावी माहौल की सरगर्मी: आने वाले समय में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा, मणिपुर, गुजरात और कर्नाटक जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं।
टिकट दावेदारों का दबाव: चुनावी मौसम के दौरान अक्सर टिकट के इच्छुक दावेदार और स्थानीय कार्यकर्ता वरिष्ठ नेताओं व प्रभारियों से शिष्टाचार भेंट और कार्यक्रमों के दौरान महंगे तोहफे, सोने-चांदी के मुकुट भेंट करने का प्रयास करते हैं।
पारदर्शिता और छवि की चिंता: पार्टी नेतृत्व का स्पष्ट मानना है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में ऐसे भव्य और कीमती उपहार स्वीकार करने से आम जनता और समर्पित कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जाता है। इससे संगठन की शुचिता प्रभावित होती है।
पश्चिम बंगाल दौरे का विवरण:🚩 पश्चिम बंगाल में सांगठनिक समीक्षा बैठकें: चुनावी नतीजों के बाद अहम दौरा
समीक्षा बैठक का आयोजन: राज्य में हालिया चुनावी घटनाक्रमों के बाद आयोजित इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, विभिन्न विभागों के समन्वयकों और राज्य-स्तरीय विंग अध्यक्षों के साथ विस्तृत समीक्षा की गई।
सांसदों और जिला स्तर पर संवाद: दौरे में नवनिर्वाचित सांसदों, जिला अध्यक्षों और प्रमुख क्षेत्रीय नेताओं के साथ आमने-सामने संवाद स्थापित कर जमीनी संगठन का फीडबैक लिया गया।
आईटी और सोशल मीडिया टीम को दिशा-निर्देश: इसके साथ ही पार्टी के आईटी सेल और सोशल मीडिया विंग का कामकाज संभालने वाली टीमों के साथ अलग से संगठनात्मक बैठक कर भविष्य की डिजिटल रणनीति और संवाद तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए।
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