काठमांडू (नेपाल): बुधवार को तिब्बत की ओर से आई अचानक भीषण बाढ़ ने नेपाल की भोटेकोशी नदी में ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
देखते ही देखते चारों तरफ हाहाकार मच गया। रिपोर्टों के अनुसार अब तक 98 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। सैकड़ों विदेशी नागरिक लापता हैं, जिनके लिए युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। संकरी घाटियों और तेज बहाव के बीच पानी का स्तर सुनामी की तरह बढ़ा, जिसने मकान, दुकानें और सड़कों को पूरी तरह लील लिया।
🏚️ सैलाब के सितम में सबकुछ बहा: होटल, लॉज और गाड़ियां मलबे में तब्दील
जमीनी तबाही और प्रत्यक्षदर्शियों का विवरण:
होटल और लॉज नष्ट: नेपाल ट्रेकिंग एजेंसी के अध्यक्ष सागर पांडे के अनुसार, बाढ़ का वेग इतना तीव्र था कि रास्ते में आने वाले सभी लॉज, होटल, निजी वाहन और बुनियादी ढांचा पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं।
सड़कों का नामोनिशान नहीं: पहाड़ी मार्गों का संपर्क कट चुका है और बुनियादी रास्तों का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो गया है।
विदेशी पर्यटकों का नुकसान: चीन और अन्य देशों से आए ट्रेकर्स व स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित निकलने का अवसर तक नहीं मिल सका।
हताहतों और लापता लोगों की स्थिति:⚠️ 1000 से ज्यादा लोगों के बहने की आशंका, 105 भारतीय नागरिकों समेत 400+ पर्यटक लापता
लापता लोगों की संख्या: तिब्बत सीमा से आई इस आपदा में 1,000 से अधिक लोगों के बह जाने की गंभीर आशंका व्यक्त की जा रही है।
रसुवा जिला सर्वाधिक प्रभावित: अकेले रसुवा जिले में सबसे व्यापक तबाही हुई है, जहां 400 से अधिक पर्यटक लापता हैं।
भारतीय और विदेशी नागरिक: लापता पर्यटकों में 300 से ज्यादा विदेशी नागरिक हैं, जिनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
गांवों का अस्तित्व मिटा: प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार कई पूरे के पूरे गांव बाढ़ के मलबे में समा चुके हैं।
बुनियादी ढांचे को पहुंची क्षति:⚡ 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान, मुख्य संपर्क पुल बहा
पनबिजली परियोजनाएं क्षतिग्रस्त: टिमुरे और स्याब्रुबेसी में अनगिनत मकान ढह गए हैं और क्षेत्र की लगभग 13 जलविद्युत (हाइड्रोपावर) परियोजनाओं को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
पुल बहा: नेपाल के धादिंग में मलेखु के निकट स्थित एक मुख्य पुल उफनती नदी के तेज बहाव में बह गया, जो धादिंगबेसी को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग था।
राहत एवं बचाव कार्य:🚁 12 हेलीकॉप्टरों से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू, सेना और पुलिस के जवान मुस्तैद
संयुक्त राहत दल: नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवान कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में बचाव अभियान चला रहे हैं।
हवाई रेस्क्यू: दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए 12 हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है।
चिकित्सा सहायता: काठमांडू से विशेष चिकित्सा और आपदा प्रबंधन टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई हैं, जिन्होंने अब तक मलबे से 25 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है।
स्थानीय स्थिति और चुनौतियां:📡 10 से 12 जिलों का संचार नेटवर्क ठप, मलबे के नीचे जिंदगी की तलाश जारी
संचार संपर्क विच्छेद: रसुवा, नुवाकोट, सिंधुपालचोक और चितवन तक बाढ़ का मलबा फैलने से लगभग 10 से 12 जिलों का दूरसंचार और सड़क नेटवर्क पूरी तरह ठप हो गया है।
मलबे में खोजबीन: सेना और बचाव दल मलबे में दबे जीवित लोगों की तलाश के लिए विशेष उपकरणों की मदद से अभियान चला रहे हैं और घायलों को तुरंत एयरलिफ्ट किया जा रहा है।
कूटनीतिक और मानवीय सहायता:🤝 पीएम नरेंद्र मोदी ने की बात: भारत ने दिया हरसंभव मानवीय मदद का भरोसा
शीर्ष स्तर पर संवाद: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से दूरभाष पर वार्ता कर प्राकृतिक आपदा में हुई जन-धन की हानि पर गहरा शोक व्यक्त किया।
एकजुटता का संदेश: प्रधानमंत्री मोदी ने संकट की इस घड़ी में नेपाल के नागरिकों के साथ एकजुटता दोहराते हुए भारत की ओर से त्वरित राहत सामग्री, मेडिकल सहायता और तकनीकी मदद का पूर्ण आश्वासन दिया है।
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