मोहाली: पंजाब के मोहाली शहर से एक बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है, जहां केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की एक विशेष टीम ने सेक्टर-69 स्थित प्रतिष्ठित पंजाब मेडिकल भवन पर अचानक छापा मारा। केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा यह पूरी कार्रवाई परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हाई-प्रोफाइल हत्या के मामले में सीबीआई द्वारा पूर्व में दर्ज की गई एफआईआर (FIR) की कड़ियों को जोड़ने और उससे जुड़े तमाम पहलुओं की गहन जांच के सिलसिले में की गई है। इस औचक कार्रवाई से स्वास्थ्य और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
केमिस्टों को लाइसेंस जारी करने और बहाली की प्रक्रिया में बरती गई अनियमितताओं पर टिकी है जांच एजेंसी की नजर
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी को यह पुख्ता अंदेशा है कि पंजाब मेडिकल भवन के अंतर्गत आने वाली फार्मेसी विंग के कुछ जिम्मेदार अधिकारियों ने केमिस्टों को नए लाइसेंस जारी करने की पूरी प्रक्रिया के दौरान भारी प्रशासनिक लापरवाही बरती है। सीबीआई इस बात की भी बेहद बारीकी से पड़ताल कर रही है कि अश्वनी कुमार समेत अन्य कितने ऐसे केमिस्ट थे, जिन्हें या तो नियमों को ताक पर रखकर लाइसेंस जारी किए गए थे या फिर बिना आवश्यक वैधानिक शर्तें पूरी किए ही उनके पुराने लाइसेंस बहाल कर दिए गए थे।
मंगलवार रात दस्तावेज जब्त कर रवाना हुई सीबीआई टीम, आरोपों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
जांच-पड़ताल की इसी कड़ी में सीबीआई की टीम ने मंगलवार की देर रात पंजाब मेडिकल भवन में पहुंचकर कई महत्वपूर्ण और गोपनीय दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया, और आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद टीम कुछ ही घंटों के भीतर वहां से रवाना हो गई। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम और लगाए जा रहे गंभीर आरोपों के संबंध में फिलहाल केंद्रीय एजेंसी की तरफ से कोई भी आधिकारिक या स्वतंत्र पुष्टि संबंधी बयान जारी नहीं किया गया है।
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