सूरजपुर: वन परिक्षेत्र के कोटबहरा जंगल से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक ग्रामीण की जंगली हाथी के हमले में मौत हो गई. इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है. कोटबहरा गांव निवासी 30 वर्षीय केशव हर दिन की तरह काम खत्म कर शाम को अपने घर लौट रहा था. घर पहुंचने के लिए वह मुख्य मार्ग छोड़कर पगडंडी के रास्ते जा रहा था. इसी दौरान रास्ते में अचानक एक जंगली हाथी से उसका सामना हो गया. हाथी ने केशव पर हमला कर दिया और उसे पटक-पटक कर बुरी तरह कुचल दिया. हाथी के हमले की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि केशव की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से इलाके में जंगली हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ गई है. हाथियों के झुंड अक्सर गांव के नजदीक पहुंच जाते हैं, जिससे ग्रामीणों की जान को लगातार खतरा बना रहता है. ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जाए और गांवों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके. हाथी के हमले से ग्रामीण युवक की मौत की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया है. पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का प्रक्रिया के साथ ही आगे की कार्रवाई जारी है.हाथी के कुचलने से युवक की मौत
गांव के आसपास हाथियों की बढ़ी आवाजाही
गांव वालों की वन विभाग से मांग
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सूरजपुर: वन परिक्षेत्र के कोटबहरा जंगल से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक ग्रामीण की जंगली हाथी के हमले में मौत हो गई. इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है.
हाथी के कुचलने से युवक की मौत
कोटबहरा गांव निवासी 30 वर्षीय केशव हर दिन की तरह काम खत्म कर शाम को अपने घर लौट रहा था. घर पहुंचने के लिए वह मुख्य मार्ग छोड़कर पगडंडी के रास्ते जा रहा था. इसी दौरान रास्ते में अचानक एक जंगली हाथी से उसका सामना हो गया. हाथी ने केशव पर हमला कर दिया और उसे पटक-पटक कर बुरी तरह कुचल दिया. हाथी के हमले की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि केशव की मौके पर ही मौत हो गई.
गांव के आसपास हाथियों की बढ़ी आवाजाही
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से इलाके में जंगली हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ गई है. हाथियों के झुंड अक्सर गांव के नजदीक पहुंच जाते हैं, जिससे ग्रामीणों की जान को लगातार खतरा बना रहता है. ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है.
गांव वालों की वन विभाग से मांग
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जाए और गांवों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
हाथी के हमले से ग्रामीण युवक की मौत की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया है. पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का प्रक्रिया के साथ ही आगे की कार्रवाई जारी है.


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