बस्ती (उत्तर प्रदेश): आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पूरे दम-खम के साथ मैदान में उतर चुके हैं।
इसी राजनीतिक सिलसिले में वह बस्ती जिले की रुधौली विधानसभा पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी पार्टी के उम्मीदवार मोहम्मद आकिब के समर्थन में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया और पदयात्रा निकालकर चुनावी माहौल को गर्माया। रुधौली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सांसद चंद्रशेखर ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) सहित पूरे विपक्ष पर तीखे राजनीतिक हमले किए।
📢 “अपनी ताकत बढ़ाएगी पार्टी, जनता के हक की होगी लड़ाई”: किसी पर वार करने के बजाय संगठन विस्तार पर जोर
चुनीवी रणनीति और पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना:
स्वतंत्र राजनीतिक दिशा: बस्ती की धरती से 2027 के चुनावी रण का शंखनाद करते हुए चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी अन्य दल पर अनर्गल प्रहार करने के बजाय अपने संगठन को मजबूत करने और जनता के वास्तविक अधिकारों की लड़ाई लड़ने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
खोखले वादे: उन्होंने आरोप लगाया कि चाहे वह बीजेपी की सरकार हो या अन्य पूर्ववर्ती सरकारें, सभी ने जनता से बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन धरातल पर विकास और राहत कहीं नजर नहीं आई।
रैलियों और आयोजनों को लेकर सरकार पर प्रहार:🏛️ सरकारी मशीनरी के सहारे भीड़ जुटाने का आरोप: “आशीष, आंगनबाड़ी और शिक्षकों का हो रहा इस्तेमाल”
भीड़ जुटाने का संकट: चंद्रशेखर ने दावा किया कि मौजूदा सरकार की रैलियों में स्वतः स्फूर्त भीड़ नहीं जुट पा रही है, और मजबूरी में भीड़ दिखाने के लिए सरकारी मशीनरी का सहारा लिया जा रहा है।
कर्मचारियों की ड्यूटी: उन्होंने आरोप लगाया कि रैलियों में संख्या बढ़ाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी, रोजगार सेवकों, अनुदेशकों और शिक्षकों सहित विभिन्न सरकारी कर्मचारियों को लगाया जा रहा है।
जनसैलाब का दावा: इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के कार्यक्रमों में आम जनता का भारी जनसैलाब उमड़ रहा है और मैदान छोटे पड़ रहे हैं।
चुनावी आंकड़े और कार्यकर्ताओं का उत्साह:📈 2024 के लोकसभा चुनावों का हवाला: “इस बार 2027 में दिखेगा ऐतिहासिक प्रदर्शन”
डुमरियागंज का उदाहरण: उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान डुमरियागंज लोकसभा सीट पर पार्टी को मिले 80,000 से अधिक वोटों का विशेष रूप से उल्लेख किया।
तैयारी का दावा: चंद्रशेखर ने कहा कि जनता 2022 से ही बदलाव के लिए तैयार बैठी है और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन बेहद ऐतिहासिक रहेगा।
कानून-व्यवस्था और न्याय के मुद्दे पर तीखे सवाल:⚖️ प्रदेश में ‘जंगलराज’ और अघोषित इमरजेंसी का आरोप: कई गंभीर मामलों को लेकर सरकार को घेरा
बिगड़ती कानून-व्यवस्था: उत्तर प्रदेश की मौजूदा कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में अघोषित इमरजेंसी और जंगलराज जैसे हालात पैदा हो चुके हैं।
लंबित न्याय के मामले: उन्होंने लालगंज थाना क्षेत्र के सिद्धनाथ गांव में एक साल पहले हुई 4 साल की मासूम बच्ची की निर्मम हत्या का जिक्र किया, जिसके अपराधी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
प्रमुख आपराधिक प्रकरण: इसके साथ ही उन्होंने विनोद साहनी, रमेश कोरी, राम लखन मौर्य, शुभम, सौरभ विश्वकर्मा, बिजनौर हत्याकांड, ललिता गौतम प्रकरण और रायबरेली हत्याकांड जैसे मामलों को उठाते हुए पीड़ित परिवारों को अब तक न्याय न मिलने पर कड़ा रोष व्यक्त किया।
स्थानीय मुद्दों और आगामी प्रत्याशियों पर बयान:🏭 रुधौली में निर्माणाधीन एथेनॉल फैक्ट्री का विरोध: ग्रामीणों के समर्थन का ऐलान
फैक्ट्री हटाने की मांग: चंद्रशेखर ने रुधौली क्षेत्र में बनाई जा रही एथेनॉल फैक्ट्री का विरोध कर रहे स्थानीय ग्रामीणों का पूर्ण समर्थन किया। उन्होंने दो टूक कहा कि आम जनता की जान और स्वास्थ्य की कीमत पर विकास स्वीकार नहीं किया जा सकता, इसलिए इस फैक्ट्री को तुरंत किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए।
चुनावी तैयारियां: इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि उनकी पार्टी जिले की सभी 5 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर चुकी है। रुधौली सीट के लिए प्रत्याशी का ऐलान कर दिया गया है, जबकि शेष सीटों पर भी प्रत्याशियों के नामों की घोषणा जल्द ही कर दी जाएगी।
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