दुमका: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर बेहद तीखा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस प्रकार से कांग्रेस पार्टी देश के भीतर लगातार ‘वोट चोरी’ का एक मनगढ़ंत नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रही है और देश में अनावश्यक रूप से अराजकता का माहौल पैदा कर रही है, उससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है कि कांग्रेस की असली मंशा पड़ोसी देशों नेपाल और बांग्लादेश की तरह भारत में भी असंवैधानिक तरीके से सत्ता परिवर्तन कराने की है। बाबूलाल मरांडी दुमका परिसदन में पत्रकारों के साथ एक आवश्यक बातचीत कर रहे थे, जहाँ वे पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) तथा ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल अन्य सहयोगी दलों पर कड़े प्रहार करते हुए कहा कि जिस तरह से इन दलों द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का लगातार विरोध किया जा रहा है, उससे यह साफ जाहिर होता है कि वे विदेशी घुसपैठियों और अवैध नागिरकों को धड़ल्ले से मतदाता बनाना चाहते हैं। बाबूलाल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त पर वोट चोरी करने के झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाकर ये विपक्षी दल देश की शांति और व्यवस्था को बिगाड़ना चाहते हैं, जबकि देश की जागरूक जनता इन्हें पूरी तरह से नकार चुकी है। भाजपा नेता ने पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पहले इन विपक्षी दलों ने ईवीएम (EVM) हैकिंग का बड़ा मुद्दा उठाया था, लेकिन जब चुनाव आयोग ने उन्हें आधिकारिक रूप से सामने आकर ईवीएम की तकनीकी जांच करने और अपने आरोपों को साबित करने की खुली चुनौती दी, तो वे सभी मैदान छोड़कर पीछे हट गए। अब वे एक नया और झूठा ‘वोट चोरी’ का मुद्दा लेकर बैठ गए हैं। उन्होंने बताया कि विपक्षी दलों के इन भ्रामक प्रचारों का मुकाबला करने और देश की जनता को उनकी इन साजिशों की असल सच्चाई बताने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने पूरे देश में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया है। झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मौजूदा सरकार के नुमाइंदों को अपनी कारगुजारियों और भ्रष्टाचार से ही फुर्सत नहीं मिल पा रही है। आज पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से रसातल में चली गई है। उन्होंने सरायकेला के एक पुलिस थाने के भीतर ही एक महिला के साथ हुई दुष्कर्म की अत्यंत लज्जाजनक घटना का हवाला देते हुए कहा कि इससे साफ पता चलता है कि आज के झारखंड में माताएं और बहनें बिल्कुल सुरक्षित नहीं हैं। यह सरकार राज्य के युवाओं, किसानों या गरीबों में से किसी के भी हित के बारे में नहीं सोचती है। किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार ने अभी तक धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और खरीद की प्रक्रिया तक तय नहीं की है। स्थिति यह है कि जब राज्य के भोले-भाले किसान मजबूरी में अपनी फसल बिचौलियों को औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर हो जाएंगे, उसके बाद कहीं जाकर यह सरकार धान खरीदी के नाम पर कागजी प्रक्रिया शुरू करेगी। उन्होंने सरकार की इस उदासीन कार्यशैली की कड़ी निंदा की।एसआईआर का विरोध करने पर ‘इंडिया’ गठबंधन पर हमला, बाबूलाल बोले— घुसपैठियों और विदेशियों को मतदाता सूची में शामिल करना चाहती हैं ये पार्टियां
ईवीएम के बाद अब वोट चोरी का झूठा राग अलाप रहा विपक्ष, जनता को सच्चाई बताने के लिए पूरे देश में निकाली जा रही है पदयात्रा
झारखंड की हेमंत सरकार पर फूटा गुस्सा, कहा— राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और महिलाएं बिल्कुल सुरक्षित नहीं हैं
धान खरीद के मुद्दे पर सरकार को घेरा, बोले— जब किसान औने-पौने दामों पर बिचौलियों को फसल बेच देंगे, तब शुरू होगी सरकारी खरीद
यह खबर आपको कैसी लगी?
दुमका: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर बेहद तीखा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस प्रकार से कांग्रेस पार्टी देश के भीतर लगातार ‘वोट चोरी’ का एक मनगढ़ंत नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रही है और देश में अनावश्यक रूप से अराजकता का माहौल पैदा कर रही है, उससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है कि कांग्रेस की असली मंशा पड़ोसी देशों नेपाल और बांग्लादेश की तरह भारत में भी असंवैधानिक तरीके से सत्ता परिवर्तन कराने की है। बाबूलाल मरांडी दुमका परिसदन में पत्रकारों के साथ एक आवश्यक बातचीत कर रहे थे, जहाँ वे पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे।
एसआईआर का विरोध करने पर ‘इंडिया’ गठबंधन पर हमला, बाबूलाल बोले— घुसपैठियों और विदेशियों को मतदाता सूची में शामिल करना चाहती हैं ये पार्टियां
बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) तथा ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल अन्य सहयोगी दलों पर कड़े प्रहार करते हुए कहा कि जिस तरह से इन दलों द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का लगातार विरोध किया जा रहा है, उससे यह साफ जाहिर होता है कि वे विदेशी घुसपैठियों और अवैध नागिरकों को धड़ल्ले से मतदाता बनाना चाहते हैं। बाबूलाल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त पर वोट चोरी करने के झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाकर ये विपक्षी दल देश की शांति और व्यवस्था को बिगाड़ना चाहते हैं, जबकि देश की जागरूक जनता इन्हें पूरी तरह से नकार चुकी है।
ईवीएम के बाद अब वोट चोरी का झूठा राग अलाप रहा विपक्ष, जनता को सच्चाई बताने के लिए पूरे देश में निकाली जा रही है पदयात्रा
भाजपा नेता ने पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पहले इन विपक्षी दलों ने ईवीएम (EVM) हैकिंग का बड़ा मुद्दा उठाया था, लेकिन जब चुनाव आयोग ने उन्हें आधिकारिक रूप से सामने आकर ईवीएम की तकनीकी जांच करने और अपने आरोपों को साबित करने की खुली चुनौती दी, तो वे सभी मैदान छोड़कर पीछे हट गए। अब वे एक नया और झूठा ‘वोट चोरी’ का मुद्दा लेकर बैठ गए हैं। उन्होंने बताया कि विपक्षी दलों के इन भ्रामक प्रचारों का मुकाबला करने और देश की जनता को उनकी इन साजिशों की असल सच्चाई बताने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने पूरे देश में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया है।
झारखंड की हेमंत सरकार पर फूटा गुस्सा, कहा— राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और महिलाएं बिल्कुल सुरक्षित नहीं हैं
झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मौजूदा सरकार के नुमाइंदों को अपनी कारगुजारियों और भ्रष्टाचार से ही फुर्सत नहीं मिल पा रही है। आज पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से रसातल में चली गई है। उन्होंने सरायकेला के एक पुलिस थाने के भीतर ही एक महिला के साथ हुई दुष्कर्म की अत्यंत लज्जाजनक घटना का हवाला देते हुए कहा कि इससे साफ पता चलता है कि आज के झारखंड में माताएं और बहनें बिल्कुल सुरक्षित नहीं हैं। यह सरकार राज्य के युवाओं, किसानों या गरीबों में से किसी के भी हित के बारे में नहीं सोचती है।
धान खरीद के मुद्दे पर सरकार को घेरा, बोले— जब किसान औने-पौने दामों पर बिचौलियों को फसल बेच देंगे, तब शुरू होगी सरकारी खरीद
किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार ने अभी तक धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और खरीद की प्रक्रिया तक तय नहीं की है। स्थिति यह है कि जब राज्य के भोले-भाले किसान मजबूरी में अपनी फसल बिचौलियों को औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर हो जाएंगे, उसके बाद कहीं जाकर यह सरकार धान खरीदी के नाम पर कागजी प्रक्रिया शुरू करेगी। उन्होंने सरकार की इस उदासीन कार्यशैली की कड़ी निंदा की।


झारखण्ड

























