चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने राज्य की महत्वाकांक्षी ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ को लेकर महिलाओं के हित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस योजना का लाभ लेने वाली अथवा इसके लिए नया पंजीकरण कराने वाली महिलाओं को किसी भी अन्य सरकारी योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा। उनकी पूर्व से संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन और अन्य सभी कल्याणकारी सरकारी सुविधाएं पहले की तरह ही निर्बाध रूप से जारी रहेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व महिलाओं के बीच यह निराधार भ्रम फैला रहे हैं कि लाडो लक्ष्मी योजना में रजिस्ट्रेशन कराने के बाद उनकी पेंशन या अन्य योजनाओं का लाभ बंद हो जाएगा। उन्होंने इस भ्रामक प्रचार को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि किसी भी लाभार्थी महिला को मिल रहे अन्य लाभों में कोई कटौती नहीं की जाएगी।
📈 आय सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये की गई: खुलेगा नया रजिस्ट्रेशन पोर्टल
योजना के विस्तार और पात्रता नियमों में हुआ बदलाव:
आय सीमा में बड़ी छूट: पहले इस योजना के अंतर्गत परिवार की अधिकतम वार्षिक आय सीमा 1 लाख रुपये निर्धारित थी, जिसे अब राज्य सरकार ने बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये वार्षिक कर दिया है।
लाखों अतिरिक्त महिलाओं को मिलेगा लाभ: आय सीमा बढ़ाए जाने के फलस्वरूप प्रदेश की लाखों अतिरिक्त पात्र महिलाएं अब इस योजना के दायरे में शामिल हो सकेंगी।
नया पोर्टल जल्द: नई पात्र महिलाओं के सुगम आवेदन के लिए सरकार द्वारा बहुत जल्द एक नया और उन्नत रजिस्ट्रेशन पोर्टल खोला जाएगा।
वित्तीय आवंटन और लाभार्थियों के आंकड़े:💰 हर महीने ₹2,100 की आर्थिक सहायता: दूसरे बजट में ₹6,500 करोड़ का बड़ा प्रावधान
मासिक आर्थिक संबल: दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के अंतर्गत सभी पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹2,100 की सीधी आर्थिक सहायता उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है।
बजट में भारी बढ़ोतरी: सरकार ने इस योजना के प्रथम बजट में 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था, जिसे अब दूसरे बजट में बढ़ाकर 6,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
₹2,000 करोड़ से अधिक का डीबीटी: योजना के तहत अब तक राज्य की करीब 10 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए सफलतापूर्वक भेजी जा चुकी है।
योजना का मूल विजन और सामाजिक प्रभाव:👩🦰 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प: सशक्त महिला से ही सशक्त बनेगा परिवार
आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में कदम: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दोहराया कि इस योजना का मुख्य ध्येय प्रदेश की माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी और सशक्त बनाना है।
परिवार की समृद्धि का आधार: मुख्यमंत्री के अनुसार, जब घर की महिला आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर होगी, तो पूरा परिवार मजबूत बनेगा और समाज में समृद्धि आएगी।
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