राजधानी दिल्ली के चर्चित कालकाजी गैंगरेप मामले में अब पीड़िता ने अपनी डरावनी आपबीती सुनाई है, जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे. पीड़िता के अनुसार, वह अपने जन्मदिन के मौके पर कालकाजी मंदिर में माथा टेकने और पूजा करने के लिए आई थी. शाम करीब 5:45 बजे मंदिर पहुंचने के बाद वह अपने दोस्त समीर के साथ शाम करीब 7 बजे बाहर निकली और दोनों कालकाजी मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-7 के पास स्थित पार्क में जाकर एक बेंच पर बैठ गए, जहां उनके साथ यह खौफनाक घटना घटी.
🛑 2. खुद को पुलिसकर्मी बताकर छीने मोबाइल, आसिफ, हेमू और दीपु ने गर्दन पर चाकू रखकर की हैवानियत
पीड़िता के मुताबिक, पार्क की बेंच पर बैठते ही 30 से 35 वर्ष की आयु के तीन युवक वहां पहुंचे और उन्होंने उसके दोस्त को थप्पड़ मारकर खुद को पुलिसकर्मी बताया तथा उनके मोबाइल फोन छीन लिए. आरोपियों में से एक ने दूसरे को ‘आसिफ’ कहकर पुकारा, जिसने काली पिस्तौल निकाली. इसके बाद अन्य दो आरोपियों ‘हेमू’ और ‘दीपु’ (मुकेश) ने चाकू निकाल लिए और पीड़िता को झाड़ियों व सुनसान लाल रंग की बेंच की तरफ खींच ले गए, जहां तीनों ने बारी-बारी से उसकी गर्दन पर चाकू रखकर अमानवीय कृत्य किया.
👮 3. घटना के बाद दी धमकी और पीसीआर कॉल से हुआ खुलासा, पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीनों आरोपियों को दबोचा
दरिंदगी को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने पीड़िता को उसके कपड़े वापस दिए और धमकाते हुए कहा कि इस बारे में किसी को कुछ न बताएं, वरना वे जान से मार देंगे. इसके बाद उन्होंने उनके मोबाइल फोन वापस लौटा दिए. पार्क से बाहर आने पर पीड़िता ने अपने दोस्त समीर को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके तुरंत बाद समीर ने पीसीआर को फोन कर पुलिस को बुलाया. दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई और मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी आसिफ, हेमंत (हेमू) और उसके भाई मुकेश (दीपु) को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है.
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