हरियाणा के सोनीपत स्थित सोहटी गांव में एक बार फिर पुराने किसान आंदोलनों की यादें ताजा हो गई हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमा से सटे सोनीपत की सड़कों पर किसानों का भारी जमावड़ा लगना शुरू हो गया है।
सोहटी गांव में नरेला से सीकर की ओर जाने वाली हाई-वोल्टेज पावर ग्रिड लाइन के उचित मुआवजे की मांग को लेकर प्रभावित किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
प्रदर्शन स्थल पर एक तरफ सड़क पर डटे किसान और उनके सामने तैनात भारी पुलिस बल का पहरा है। इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे युवा किसान नेता अभिमन्यु कुहाड़ स्वयं भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। किसानों का आरोप है कि मुआवजे के संवेदनशील मुद्दे पर स्थानीय प्रशासन का रवैया बिल्कुल भी संतोषजनक नहीं रहा है। किसानों ने प्रशासन को दो-टूक चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र अमल नहीं हुआ, तो आंदोलन का दायरा और अधिक बढ़ाया जाएगा।
⚡ नरेला से सीकर पावर ग्रिड लाइन से जमीन प्रभावित: बातचीत के बाद भी नहीं निकला समाधान
किसानों की प्रमुख मांगें और आंदोलन का कारण:
उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण: किसानों के अनुसार, नरेला से राजस्थान के सीकर तक बिछाई जा रही पावर ग्रिड ट्रांसमिशन लाइन के कारण उनकी उपजाऊ जमीन बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
उचित मुआवजे की मांग: जमीन के मौजूदा बाजार भाव और नुकसान को देखते हुए किसान प्रशासन से न्यायसंगत और उचित मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं।
प्रशासन से वार्ता विफल: किसानों का कहना है कि प्रशासन के साथ कई दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान न निकलने के कारण उन्हें मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ा है।
भूख हड़ताल पर अड़े नेता: किसान नेता अभिमन्यु कुहाड़ के नेतृत्व में कल से ही किसान सड़क पर डटे हैं और मांग पूरी होने तक भूख हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया गया है।
धरना स्थल का जमीनी माहौल और तस्वीरें:🎶 धरने पर दिखे अलग-अलग रंग: महिलाओं का भजन-कीर्तन और किसानों का आक्रोश
धरने में महिलाओं की भागीदारी: आंदोलन स्थल पर आंदोलन के विविध पहलू देखने को मिल रहे हैं। धरने में शामिल महिलाएं भजन-कीर्तन कर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज करा रही हैं।
समय बिताते बुजुर्ग किसान: कुछ बुजुर्ग किसान ताश खेलकर समय बिताते नजर आ रहे हैं, लेकिन इन सामान्य दृश्यों के पीछे किसानों का गहरा आक्रोश साफ तौर पर देखा जा सकता है।
शांतिपूर्ण लेकिन अडिग संकल्प: प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि उनकी मांग केवल अपने हक के उचित मुआवजे की है और जब तक इसका स्थायी समाधान नहीं होता, वे पीछे नहीं हटेंगे।
आंदोलन के विस्तार और बड़े फैसले की तैयारी:📢 देशव्यापी आंदोलन में बदलने की चेतावनी: आज की बैठक में तय होगी अगली रणनीति
देशभर में आंदोलन फैलाने की चेतावनी: किसानों ने प्रशासन व सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उचित मुआवजा जारी नहीं किया गया, तो इस धरने को देशव्यापी आंदोलन में तब्दील कर दिया जाएगा।
अन्य राज्यों के नेताओं से संपर्क: आंदोलनकारी किसानों का दावा है कि पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों के किसान संगठनों और नेताओं से लगातार बातचीत चल रही है।
आज की बैठक में बड़ा फैसला: आंदोलन को गति देने के लिए आज एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक बुलाई गई है, जिसमें धरने को लेकर बड़े और कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
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