भोपाल (मध्य प्रदेश): पवित्र हज यात्रा 2027 के लिए मध्य प्रदेश राज्य से कुल 10,058 आवेदकों में से 5,998 खुशनसीब आवेदकों का अंतिम चयन कर लिया गया है।
गुरुवार को ‘सेंट्रल हज कमेटी ऑफ इंडिया’ (मुंबई) द्वारा मध्य प्रदेश के आवेदकों की कंप्यूटरीकृत लॉटरी (कुर्रा) प्रक्रिया का लाइव डिस्प्ले किया गया। जैसे ही कंप्यूटर स्क्रीन पर चयनित हाजियों के नाम प्रदर्शित हुए, आवेदकों और उनके परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस प्रक्रिया में करीब 4,060 आवेदकों को फिलहाल प्रतीक्षा सूची (Waiting List) में रखा गया है। अन्य राज्यों से बचे हुए सरप्लस कोटे के जरिए इन प्रतीक्षा सूची वाले आवेदकों को समायोजित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी मध्य प्रदेश को मिले अतिरिक्त कोटे से बड़ी संख्या में प्रतीक्षा सूची के लोगों को हज यात्रा का सौभाग्य मिला था।
🕋 पहली बार आवेदन में आया बुलावा, 65 महिलाएं बिना महरम के करेंगी मुकद्दस सफर
देवास के निवासी मोहम्मद इरफान ने पहली बार हज यात्रा के लिए आवेदन किया था और लॉटरी प्रक्रिया में पहली बार में ही उनका नाम चयनित हो गया।
अपना नाम सूची में देखकर इरफान खुशी से झूम उठे। इस बार चयनित कुल हाजियों में 65 वर्ष से अधिक उम्र वाले 972 बुजुर्ग आवेदकों को आरक्षित श्रेणी में रखा गया है। इनमें 65 ऐसी निडर व खुशनसीब महिलाएं भी शामिल हैं, जो बिना किसी पुरुष रिश्तेदार (महरम/परिजन) के अकेले हज यात्रा पर प्रस्थान करेंगी। भोपाल स्थित हज हाउस में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम की शुरुआत में शहर मुफ्ती अब्दुल कलाम साहब कासमी ने पवित्र कुरआन की तिलावत की।
🚶♂️ “अब सफर आसान और हज मुश्किल, अभी से करें पैदल चलने की आदत”: काजी-ए-शहर
कार्यक्रम में मुख्य रूप से मौजूद काजी-ए-शहर सैयद मुश्ताक अली नदवी ने चयनित हाजियों को मुबारकबाद देते हुए महत्वपूर्ण नसीहत दी।
उन्होंने कहा, “एक दौर वह था जब हज का सफर बेहद दुश्वारियों भरा था और हज की मनासिक अदायगी आसान थी। लेकिन आज आधुनिक दौर में सफर तो बेहद आसान हो गया है, मगर हज का अनुशासन और अमलियात मुश्किल हो गई है।” उन्होंने सभी चयनित हाजियों को अभी से शारीरिक व मानसिक तैयारी शुरू करने, रोज पैदल चलने की आदत डालने, दुआएं कंठस्थ करने और सफर की छोटी-मोटी तकलीफों को सब्र के साथ सहने की सलाह दी ताकि मुख्य यात्रा के दौरान कोई परेशानी न हो। वहीं मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने कहा, “अल्लाह के मेहमानों यानी हाजियों की खिदमत करना बड़े नसीब की बात है।”
🏢 हज यात्रियों की सुविधाओं के लिए ऑनलाइन कुर्रा, भोपाल आने-जाने की परेशानी से मिली निजात
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि उनके दौरान हज हाउस के सुदृढ़ीकरण, भोपाल हज एम्बार्केशन पॉइंट की पुनर्बहाली और हाजियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं।
वहीं, जिला हज कमेटी के अध्यक्ष असलम इलियास ने स्पष्ट किया कि इस बार आवेदकों को व्यक्तिगत रूप से हज हाउस आने का औपचारिक निमंत्रण नहीं भेजा गया था। ऐसा इसलिए किया गया ताकि ऑनलाइन कुर्रा प्रक्रिया के जरिए आवेदक अपने-अपने घरों व शहरों से ही परिणाम देख सकें और उन्हें भोपाल आने-जाने की फिजूल भागदौड़ और आर्थिक परेशानी से पूरी तरह निजात मिल सके।
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