चंडीगढ़: हरियाणा में बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) और एएवाई (अंत्योदय अन्न योजना) कार्डधारक परिवारों के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले प्रति परिवार दो लीटर सरसों के तेल के भौतिक वितरण की व्यवस्था को पुनः बहाल कर दिया गया है।
इस बार तेल की पैकेजिंग में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब राशन डिपो पर 2 लीटर के बड़े डिब्बे के बजाय 500 मिलीलीटर (ML), 1 लीटर और 1.5 लीटर की सुविधाजनक पैकिंग में सरसों का तेल उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रदेश सरकार राज्य के लगभग 39.89 लाख पात्र बीपीएल व एएवाई परिवारों को पिछले तीन महीनों (अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026) का बकाया सरसों तेल आगामी 21 अक्टूबर 2026 से डिपो के माध्यम से वितरित कराने की पूरी तैयारी कर चुकी है।
💰 ₹250 डीबीटी का फैसला वापस: खाद्य आपूर्ति विभाग ने जारी किया बहाली का आधिकारिक आदेश
डीबीटी व्यवस्था की समाप्ति और आपूर्ति का नया रोडमैप:
डीबीटी का हुआ था फैसला: खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा अगस्त 2026 से दो लीटर सरसों के तेल के बदले लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे ₹250 की राशि (DBT) ट्रांसफर करने का निर्णय लिया गया था।
महानिदेशक का नया आदेश: योजना में पुनः संशोधन करते हुए विभाग के महानिदेशक ने डिपो से ही तेल वितरण की पुरानी व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से बहाल करने के औपचारिक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
104 लाख लीटर तेल का लक्ष्य: हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड (HAICL) को समय पर करीब 104 लाख लीटर शुद्ध सरसों का तेल आपूर्ति करने के निर्देश दिए गए हैं।
माहवार पैकेजिंग की जरूरत: अगस्त माह के कोटे के लिए करीब 8 लाख (500 ML) और 26 लाख (1 लीटर) की बोतलों की आवश्यकता होगी, जबकि सितंबर और अक्टूबर माह के लिए लगभग 10-10 लाख (500 ML) और 32-32 लाख (1 लीटर) बोतलों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
योजना के बदलावों का इतिहास और जनता की मांग:🔄 2018 से 2026 तक कई बार बदले नियम: डिपो होल्डर्स और लाभार्थियों के दबाव में लौटी पुरानी व्यवस्था
मात्रा में बदलाव का सफर: वर्ष 2018 में राशन डिपो से प्रति परिवार एक लीटर तेल वितरित किया जाता था, जिसे बाद में बढ़ाकर दो लीटर प्रति परिवार कर दिया गया।
आपूर्ति संकट के समय नकद ट्रांसफर: वर्ष 2021 में तेल की भारी कमी के चलते अस्थायी तौर पर ₹250 सीधे खाते में भेजने की व्यवस्था बनी, जिसे 2022 में पुनः डिपो वितरण में बदल दिया गया था।
अगस्त 2026 के फैसले का विरोध: अगस्त 2026 में सरकार ने एक बार फिर नकद भुगतान का फैसला लिया था, लेकिन राशन कार्डधारक बाजार भाव अधिक होने के कारण नकद राशि के बजाय डिपो से ही तेल देने की मांग कर रहे थे।
डिपो होल्डर्स एसोसिएशन का बयान: खाद्य एवं आपूर्ति ऑल राशन डिपो होल्डर वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के मीडिया प्रभारी गुरतेज सिंह सोढ़ी ने बताया कि लाभार्थी तेल की जगह नकद पैसे देने की व्यवस्था से असंतुष्ट थे और इसका लगातार विरोध दर्ज करा रहे थे। सरकार का यह फैसला आम जनता की मांग के अनुरूप है।
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